2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता जोड़ने का लक्ष्य: PM MODI

Summary :

2030 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत ऊर्जा सप्ताह 2025 का वर्चुअल उद्घाटन किया और उसे संबोधित किया, जिसमें उन्होंने भारत के महत्वाकांक्षी ऊर्जा रोडमैप को रेखांकित किया और कहा कि अगले दो दशक देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि “आने वाले दो दशक भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और अगले पांच वर्षों में हम कई प्रमुख मील के पत्थर हासिल करने के लिए तैयार हैं। हमारे कई लक्ष्य 2030 की समयसीमा के अनुरूप हैं। 2030 तक हमारा लक्ष्य 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता जोड़ना है।”

उन्होंने कहा कि “भारतीय रेलवे ने 2030 के लिए नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अतिरिक्त, हमारा लक्ष्य 2030 तक सालाना 5 मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करना है।” भारत वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक देश बनकर उभरा है, जिसकी गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता पिछले कुछ वर्षों में तीन गुना बढ़ गई है।

पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि “आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक देश है। हमारी गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता तीन गुना हो गई है। वर्तमान में भारत ने 19 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण हासिल कर लिया है और हम अक्टूबर 2025 से पहले 20 प्रतिशत इथेनॉल अनिवार्यता को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”

पीएम मोदी ने 500 मिलियन मीट्रिक टन के संधारणीय फीडस्टॉक द्वारा समर्थित भारत के जैव ईंधन उद्योग के तेजी से विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि “भारत का जैव ईंधन उद्योग तेजी से विकास के लिए तैयार है, जिसे 500 मिलियन मीट्रिक टन के संधारणीय फीडस्टॉक द्वारा समर्थित किया गया है। भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन की स्थापना की गई और इसका विस्तार जारी है। अब तक, 28 राष्ट्र और 12 अंतर्राष्ट्रीय संगठन इस पहल में शामिल हो चुके हैं, जो कचरे को धन में बदल रहा है और उत्कृष्टता के केंद्र स्थापित कर रहा है।” भारत अपने हाइड्रोकार्बन संसाधनों को अधिकतम करने के लिए लगातार सुधारों को लागू कर रहा है, जिससे प्रमुख खोजें और गैस अवसंरचना का व्यापक विस्तार हो रहा है।

Vikas Julana