पूर्व केंद्रीय मंत्री अजित सिंह राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के 10वीं बार निर्विरोध अध्यक्ष बने हैं। रालोद के प्रवक्ता अनिल दुबे ने बताया कि एकमात्र नामांकन पत्र दाखिल होने के कारण अजित सिंह फिर से इस पद पर निर्वाचित हो गए।
हालांकि, जिलों से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष पद तक ज्यादातर पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचन हुए हैं। प्रदेश और राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद रालोद में क्षेत्रीय स्तर पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। आगामी विधानसभा चुनाव के साथ पंचायत चुनाव की रणनीति पर चर्चा होगी।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ़ मसूद अहमद ने बताया कि जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन की तैयारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के इतिहास में किसानों व गरीबों का सबसे अधिक उत्पीड़न भाजपा शासनकाल में ही हुआ है।
उन्होंने बताया कि अजित सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए लगातार दसवीं बार नामांकन पत्र भरने की औपचारिकता पूरी की थी। जांच व नाम वापसी की तिथि बीतने के बाद 27 दिसंबर को अजित सिंह को फिर से राष्ट्रीय लोकदल का अध्यक्ष चुन लिया गया।
सूत्रों का कहना है कि अध्यक्ष पद पर अजित सिंह को दसवीं बार चुने जाने के बाद अब जल्द ही जयंत चौधरी को बतौर कार्यकारी अध्यक्ष संगठन की बागडोर सौंप दी जाएगी। रालोद जनवरी के अंत या फरवरी में जयंत को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर उनके नेतृत्व में विधानसभा चुनाव में उतर सकता है।


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