उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति और कर्नाटक के पूर्व कार्यकारी राज्यपाल डॉक्टर एस मोहन का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे।
ज्ञारह फरवरी 1930 को जन्मे न्यायामूर्ती मोहन ने प्रेसिडेंसी कॉलेज से अपना स्नातक पूरा किया और उसके बाद मद्रास विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री ली। उन्होंने साथ ही कानून पर मास्टर डिग्री भी ली और 1954 में मद्रास उच्च न्यायालय में वकील के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की।
वह 1956 से 1966 तक मद्रास लॉ कॉलेज के प्रोफेसर रहे। उन्होंने 1966 में सहायक सरकारी वकील के रुप में भी कार्य किया।
वह 19 अक्टूबर 1989 को मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने और 26 अक्टूबर 1989 को उन्होंने कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रुप में शपथ ली।
श्री मोहन पांच फरवरी 1990 से लेकर आठ मई 1990 तक कर्नाटक के कार्यकारी राज्यपाल भी रहे। वह 1991 में उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ती बने और 1995 में सेवानिवृत हो गए।
उनके निधन पर द्रमुक के अध्यक्ष एम के स्टालिन सहित विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने गहरा दुख जताया।


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