लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा कि संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से 72 घंटे पहले सांसदों से कोरोना वायरस के लिए जांच कराने का अनुरोध करेंगे । संसद का मानसून सत्र 14 सितंबर से शुरू होकर एक अक्तूबर तक चलने की संभावना है ।
बिरला ने कहा कि सांसदों के अलावा मंत्रालय के अधिकारियों, मीडिया के प्रतिनिधियों, लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय के कर्मचारियों सहित संसद भवन परिसर में प्रवेश करने की संभावना वाले सभी लोगों सत्र शुरू होने से पहले कोरोना वायरस संबंधी जांच कराना होगा ।
कोविड-19 के मद्देनजर संसद के आगामी मानसून सत्र की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिये दोनों सदनों के अधिकारियों, स्वास्थ्य मंत्रालय, डीआरडीओ तथा अन्य एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की । इस बैठक में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डा. रणदीप गुलेरिया, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशक बलराम भार्गव, स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे ।
बैठक के बाद बिरला ने कहा, ‘‘ दोनों सदनों (राज्यसभा और लोकसभा) में बैठने की व्यवस्था कोविड-19 के मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप होगी । सत्र आयोजित करने के लिये व्यापक व्यवस्था की गई है। ’’
उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान बिना छुए सुरक्षा जांच (जिरो टच) करने की व्यवस्था की जा रही है । सूत्रों ने बताया कि मानसून सत्र दो पालियों में सुबह और शाम को आयोजत होने की संभावना है। समझा जाता है कि इस तरह की व्यवस्था कोविड-19 महामारी के कारण किये जाने का विचार किया गया है ।


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