भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में किए गए सटीक हमलों के बाद केंद्र सरकार ने गुरुवार को सभी दलों की बैठक बुलाई है। यह बैठक सुबह 11 बजे संसद पुस्तकालय भवन के कक्ष G-074 में आयोजित होगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की। सरकार का उद्देश्य है कि सभी राजनीतिक दलों को सुरक्षा स्थिति और उठाए गए कदमों की जानकारी दी जाए। इधर कांग्रेस पार्टी ने भी दिल्ली में अपने वरिष्ठ नेताओं की आपात बैठक बुधवार को दोपहर 3 बजे 24 अकबर रोड पर बुलाई है। इससे पहले, पहलगाम हमले के बाद भी एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी, जिसमें विपक्षी दलों ने सरकार को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया था।
विक्रम मिस्री का बयान: “हमला कश्मीर में लौटती सामान्यता को खत्म करने की कोशिश”
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ऑपरेशन सिंदूर पर जानकारी देते हुए बताया कि पहलगाम का आतंकी हमला बेहद क्रूरता के साथ अंजाम दिया गया। “ज्यादातर पीड़ितों को उनके परिजनों के सामने सिर में गोली मारकर मारा गया। यह हमला केवल जान लेने का नहीं, बल्कि भय और संदेश फैलाने का प्रयास था,” उन्होंने कहा।
जिम्मेदार और सीमित जवाब: आतंकी ढांचे पर केंद्रित था ऑपरेशन
मिस्री ने कहा कि भारतीय खुफिया एजेंसियों को आने वाले और हमलों की आशंका थी, इसलिए एक जिम्मेदार और सीमित जवाब जरूरी था। “हमारी कार्रवाई मापी-तौली गई थी, जिसमें किसी भी आम नागरिक को नुकसान न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया। हमारी प्राथमिकता केवल आतंकी ढांचे को नष्ट करना थी।”
Operation Sindoor: भारत की एयर स्ट्राइक में 90 से अधिक आतंकी ढेर
9 आतंकी शिविर ध्वस्त, सेना का रणनीतिक संदेश
विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने जानकारी दी कि कुल 9 आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया गया। उन्होंने बताया कि इन स्थानों का चयन इस प्रकार किया गया था कि किसी भी नागरिक ढांचे को नुकसान न पहुंचे। कर्नल सोफिया कुरैशी ने हमलों के वीडियो भी मीडिया के सामने रखे, जिनमें आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले स्पष्ट दिखते हैं। ऑपरेशन सिंदूर को भारत का आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।


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