All Party Meeting: मिडिल ईस्ट संकट और उसके वैश्विक असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में मौजूदा हालात पर चर्चा की जा रही है और विपक्षी दलों से सुझाव भी मांगे जा रहे हैं। हालांकि, इस बैठक से राहुल गांधी ने दूरी बनाई है और ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इसका बहिष्कार किया है। राहुल गांधी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे इस बैठक में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें केरल में एक कार्यक्रम में जाना है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए हैं।
All Party Meeting: रक्षा मंत्री कर रहे हैं बैठक की अध्यक्षता
इस अहम बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के असर को समझना और भारत के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राज्यसभा में जानकारी दी थी कि सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए सात विशेष समूह बनाए हैं। ये समूह एलपीजी, जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नजर रखेंगे और समय-समय पर सुझाव देंगे। सरकार का कहना है कि फिलहाल देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है।
बैठक में शामिल हुए कई बड़े नेता
सर्वदलीय बैठक में कई प्रमुख नेता शामिल हुए हैं। इनमें गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, विदेश मंत्री एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न पार्टियों के प्रतिनिधि भी बैठक में पहुंचे हैं, जिनमें बीजेडी, जेडीयू, कांग्रेस और सीपीआईएम के नेता शामिल हैं। बैठक में विदेश सचिव और अन्य अधिकारी भी मौजूद हैं, जो हालात की जानकारी साझा कर रहे हैं।
Iran War India Parliament Meeting: TMC ने किया बहिष्कार

तृणमूल कांग्रेस ने इस बैठक में हिस्सा नहीं लिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने कहा कि उनकी पार्टी की लड़ाई भाजपा के साथ है, इसलिए वे इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनका कहना है कि ऐसे मंच पर शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है। वहीं, एनडीए के नेताओं ने इस बैठक को जरूरी बताया है और कहा है कि सरकार जनता के हित में सही फैसले लेगी।
राहुल गांधी का सरकार पर हमला
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि देश की विदेश नीति अब एक व्यक्ति तक सीमित हो गई है और यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर हो रही है और इसका असर आम जनता पर पड़ेगा। उनके मुताबिक, आने वाले समय में आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
क्या है बैठक का महत्व
यह सर्वदलीय बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बदल रहे हैं। भारत के लिए यह क्षेत्र ऊर्जा और व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में सरकार सभी पक्षों की राय लेकर आगे की रणनीति तैयार करना चाहती है, ताकि देश के हित सुरक्षित रह सकें।
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