Amit Shah Assam and Bengal Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह असम और पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे, जो 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह दौरा भाजपा की ‘मिशन 2026’ रणनीति का हिस्सा है, जिसमें असम, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में पार्टी की सत्ता मजबूत करने या जीत हासिल करने का लक्ष्य है।

Amit Shah Assam Visit: असम के चुनावी तैयारियों पर मंथन
गृह मंत्री शाह के असम दौरे की बात करें तो वे 29 जनवरी को देर शाम डिब्रूगढ़ पहुंचेंगे। यहां वे भाजपा के चुनावी रणनीति से जुड़े प्रमुख नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठक करेंगे। इस बैठक में असम विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों की गहन समीक्षा होगी। 30 जनवरी को गुवाहाटी में गृह मंत्री अमित शाह पार्टी के कोर ग्रुप के साथ बैठक करेंगे। यहां विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तृत मंथन होगा। चर्चा में संभावित उम्मीदवारों का चयन, पार्टी की मजबूती, विकास मॉडल को आगे बढ़ाना और विपक्षी दलों को चुनौती देने की बातें शामिल रहेंगी।

घुसपैठ और सीमा सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा
असम में भाजपा का फोकस घुसपैठ रोकने, सीमा सुरक्षा और स्थानीय मुद्दों पर है, जिससे पार्टी को दोबारा सत्ता में वापसी का मजबूत आधार मिल रहा है। पार्टी का लक्ष्य 126 सदस्यीय विधानसभा में 100 से अधिक सीटें जीतना है, जहां वर्तमान में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। बैठक में संगठनात्मक मजबूती, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, युवा और महिला मतदाताओं पर फोकस, और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। असम में भाजपा पहले से मजबूत स्थिति में है और 2021 के बाद अब दोबारा बड़ी जीत की तैयारी कर रही है।
Amit Shah West Bengal Visit: 30 जनवरी को शाह का पश्चिम बंगाल दौरा
इसके बाद शाह 30 जनवरी को देर शाम पश्चिम बंगाल पहुंचेंगे। यहां 30 और 31 जनवरी को वे विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। भाजपा के राज्य नेताओं, कोर ग्रुप और कार्यकर्ताओं के साथ कई स्तर की बैठकों का दौर चलेगा। मंथन में संगठन को मजबूत करने, बूथ मैनेजमेंट, प्रवासी रणनीतिकारों (अन्य राज्यों से बुलाए गए अनुभवी नेताओं) की भूमिका और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के खिलाफ आक्रामक रणनीति पर फोकस रहेगा।

पश्चिम बंगाल में भाजपा का लक्ष्य 2026 में दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाना है। उन्होंने पहले ही दावा किया है कि 15 अप्रैल 2026 के बाद बंगाल में भाजपा सरकार बनेगी और राज्य की विरासत को पुनर्जीवित किया जाएगा।
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