अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों और शिक्षकों ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ अलग-अलग प्रदर्शन किए और इसे वापस लेने के लिए ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने मध्य रात्रि से इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी ताकि शहर में शांति व्यवस्था बनी रहे।
जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने बताया कि प्रशासन ने बसपा नेता और मेयर फुरकान अली को कानून के खिलाफ प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी। एएमयू परिसर में सैकड़ों छात्रों ने विरोध जुलूस निकाला और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जो भारत के प्रधान न्यायाधीश को संबोधित था।
बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने भी विरोध मार्च निकाला और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था कि ‘‘हम भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और प्रधान न्यायाधीश से अनुरोध करते हैं कि वे नागरिकता कानून को वापस लेने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।’’


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