भारत ने सोमवार को कहा कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में विदेशी आतंकवादियों की मौजूदगी से सुरक्षा की गंभीर चुनौतियां पैदा हुई हैं और आतंकवाद से निपटने के वैश्विक प्रयासों पर भी इससे असर पड़ा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ‘‘संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय एवं उप क्षेत्रीय संगठनों के बीच सहयोग: अरब राष्ट्रों का लीग’’ विषय पर संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने कहा कि इस तरह के विदेशी लड़ाके युवाओं को कट्टर बनाने का काम कर रहे हैं।
तिरुमूर्ति ने कहा, ‘‘संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में विदेशी आतंकी लड़ाकों की मौजूदगी से मौजूदा अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के समक्ष गंभीर चुनौतियां पैदा हुई हैं। ये लड़ाके अलकायदा और आईएसआईएस जैसे आतंकी समूहों के साथ मिलकर हमले कर रहे हैं। ये युवाओं को भी कट्टर बना रहे हैं। ’’
तिरुमूर्ति ने कहा कि यह ज्ञात तथ्य है कि लीबिया में विदेशी आतंकी पूरे क्षेत्र में कट्टरता फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे आतंकवाद रोधी सामूहिक प्रयासों के लिए भी नुकसानदेह है।’’ उन्होंने संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में अरब राष्ट्रों की लीग की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।


Download Android App
Download iOS App



