‘भारत-आसियान ग्लोबल साउथ की आवाज बन चुके हैं…’, ASEAN सम्मेलन में बोले PM मोदी

ASEAN Shikhar Sammelan 2025

ASEAN Shikhar Sammelan 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी रविवार को 47वें आसियान (ASEAN) शिखर सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत और आसियान देश मिलकर दुनिया की लगभग 25 प्रतिशत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो दोनों पक्षों की मजबूती और प्रभाव को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और आसियान देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं। उन्होंने सम्मेलन की सफल मेजबानी के लिए मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को बधाई दी और कहा कि उन्हें आसियान परिवार से जुड़कर गर्व महसूस हो रहा है।

ASEAN Shikhar Sammelan 2025: आसियान: भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ का मुख्य आधार

PM Modi  ने अपने भाषण में जोर दिया कि आसियान (ASEAN) भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का एक अहम स्तंभ है। उन्होंने कहा कि भारत और आसियान के बीच सहयोग से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और विकास को बढ़ावा मिलता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और आसियान देश मिलकर ग्लोबल साउथ (Global South) की आवाज बन चुके हैं और एक-दूसरे के साथ सहयोग की भावना रखते हैं। मोदी ने कहा कि भारत हर कठिन समय में अपने मित्र देशों के साथ खड़ा रहता है — चाहे प्राकृतिक आपदा हो या कोई अन्य संकट।

ASEAN Shikhar Sammelan 2025
ASEAN Shikhar Sammelan 2025, PHOTO (social media)

Asean Summit 2025: तिमोर-लेस्ते का स्वागत और संवेदना व्यक्त

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने तिमोर-लेस्ते का स्वागत किया, जो हाल ही में आसियान का 11वां सदस्य बना है। उन्होंने कहा कि तिमोर-लेस्ते के जुड़ने से आसियान और अधिक मजबूत और विविध बन गया है। इसके साथ ही उन्होंने थाईलैंड की महारानी मां के निधन पर दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और आसियान देशों के बीच सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा के गहरे रिश्ते भी हैं।

ASEAN Shikhar Sammelan 2025
ASEAN Shikhar Sammelan 2025, PHOTO (social media)

अमेरिका की भागीदारी: ट्रंप की मलेशिया यात्रा

आसियान सम्मेलन की शुरुआत से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मलेशिया पहुंचे। यह उनकी व्हाइट हाउस में दोबारा सत्ता में वापसी के बाद एशिया की पहली आधिकारिक यात्रा मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप की यह यात्रा अमेरिका की इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका की ओर इशारा करती है। सम्मेलन में अमेरिका और आसियान देशों के बीच टैरिफ और व्यापार नीतियों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

ऐतिहासिक सम्मेलन: 26 साल बाद हुआ विस्तार

इस साल का आसियान शिखर सम्मेलन कई मायनों में ऐतिहासिक है क्योंकि 26 साल बाद इस संगठन का विस्तार हुआ है। पूर्वी तिमोर (तिमोर-लेस्ते) को औपचारिक रूप से सदस्य बनाया गया है। करीब 14 लाख आबादी वाला यह छोटा देश अब आसियान के व्यापार, निवेश और विकास से जुड़े ढांचे का हिस्सा बनेगा। यह कदम दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए नए अवसरों के द्वार खोल सकता है। इससे क्षेत्रीय एकता और आर्थिक साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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