Telangana: तेलंगाना से एक दिलचस्प प्रकरण सामने आया है जहाँ के सरकारी सेवा में कार्यरत में लगभग 106 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। निलंबन की मुख्य वजह, BRS पार्टी के एक बैठक में शामिल होना बताया गया।
Highlights:
- तेलंगाना में सरकारी कर्मचारियों का राजनीतिक बैठक में शामिल होना पड़ा महंगा
- 106 कर्मचारीयों का आचार संहिता मामले में उल्लंघन
- भारत राष्ट्र समिति पार्टी की बैठक में हुए थे शामिल
तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की बैठक में भाग लेने पर 106 सरकारी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना गया।
सिद्दीपेट जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर एम. मनु चौधरी ने जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) सिद्दीपेट ( MAHATMA GANDHI NATIONAL RURAL EMPLOYMENT GUARANTEE SCHEME और SERP) के 106 स्टाफ सदस्यों को निलंबित कर दिया गया।
आचार संहिता उल्लंघन का मामला
इन कर्मचारियों पर चुनाव आरोप है कि इन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन किया है। दरअसल, ये सभी कर्मचारी 7 अप्रैल को मेडक संसदीय क्षेत्र के सिद्दीपेट में रेड्डी फंक्शन हॉल में बीआरएस ( भारत राष्ट्र समिति ) पार्टी की बैठक में शामिल हुए थे।
इन कर्मचारियों के बीआरएस पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने का मामला तब प्रकाश में आया जब मेडक लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रघुनंदन राव ने सहायक रिटर्निंग अधिकारी और राजस्व मंडल अधिकारी को फोन पर शिकायत किया। डीआरडीए कर्मचारी लोकसभा चुनाव के संबंध में बीआरएस की एक बैठक में भाग ले रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज बना निलंबन का आधार
एक उड़न दस्ते की टीम ने आयोजन स्थल का दौरा किया और पाया कि 10-15 लोग अभी भी बैठक में हैं। इसने प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज एकत्र किया और पाया कि बीआरएस ने सहायक रिटर्निंग अधिकारी, सिद्दीपेट से अनुमति प्राप्त किए बिना बैठक आयोजित की। बीआरएस के दो नेताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज की गई।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चुनाव अधिकारियों ने बैठक में भाग लेने वाले डीआरडीए के 40 कर्मचारियों की पहचान की। बाद में अन्य 66 कर्मचारियों की भी पहचान की गई। अधिकारीयों ने बताया कि सभी 106 स्टाफ सदस्यों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।


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