भुवनेश्वर, 9 सितंबर (आईएएनएस)। ओडिशा के बालासोर के जंगल क्षेत्र से बचाए गए पांच ओरंगुटान को नंदनकानन चिड़ियाघर में क्वारंटीन में रखा गया है। वन मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया ने नंदनकानन पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और डॉक्टरों व कर्मचारियों से जानकारी ली। मंत्री ने बताया कि सभी ओरंगुटान की लगातार निगरानी की जा रही है। उनके स्वास्थ्य की जांच के साथ जरूरत के मुताबिक भोजन और देखभाल की व्यवस्था की गई है।
गणेश राम सिंह खुंटिया ने बताया कि पांचों ओरंगुटान को नंदनकानन में शिफ्ट किए जाने के बाद क्वारंटीन में रखा गया है। डॉक्टर उनकी नियमित जांच कर रहे हैं। शुरुआत में इनकी स्वास्थ्य स्थिति कुछ कमजोर बताई गई थी, लेकिन फिलहाल खाना-पीना सामान्य है और उनकी हालत ठीक है। ओरंगुटान की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए भोजन, वातावरण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। क्वारंटीन अवधि और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर आगे इन्हें किस तरह के एनक्लोजर में रखा जाएगा, यह राष्ट्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की अनुमति के बाद तय होगा।
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से संबंधित राष्ट्रीय प्राधिकरण को पहले ही पत्र भेजा जा चुका है। ओरंगुटान भारत की प्राकृतिक वन्यजीव प्रजाति नहीं हैं और आम तौर पर सुमात्रा, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे क्षेत्रों में पाए जाते हैं। इसलिए यह आशंका जताई जा रही है कि इनके भारत पहुंचने के पीछे किसी अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क की भूमिका हो सकती है। अभी यह जांच प्रारंभिक चरण में है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पांचों ओरंगुटान कहां से आए, उन्हें कौन लेकर आया और किस रास्ते से उन्हें यहां पहुंचाया गया?
खुंटिया ने कहा कि मामले की जांच के लिए ओडिशा पुलिस-प्रशासन, वन विभाग, स्पेशल टास्क फोर्स, एयरपोर्ट, रेलवे और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। बालासोर एसपी और चांदीपुर क्षेत्र के समुद्री अधिकारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। एसटीएफ प्राथमिक स्तर पर जांच करेगी और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) के साथ मिलकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों से जानकारी लेने के साथ आसपास के सीसीटीवी फुटेज की भी निगरानी की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि फिलहाल किसी संभावित स्रोत या रूट को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा। अवैध गतिविधि में शामिल लोगों की पहचान होने पर वन्यजीव कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने नंदनकानन में पांचों ओरंगुटान को देखकर कहा कि फिलहाल उनकी स्थिति संतोषजनक है और इनके लिए स्थायी व्यवस्था तय की जाएगी।
–आईएएनएस
पीएसके/एबीएम
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