फ्लाईओवर का हिस्सा गिरने के प्रकरण में उत्तर प्रदेश सेतु निगम के अधिकारियों, इंजीनियरों, स्टाफ और ठेकेदारों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है, वहीं डीएम ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिये हैं। आज रोडवेज पुलिस चौकी प्रभारी धनानंद त्रिपाठी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गयी।
वही , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आर के भारद्वाज ने बताया कि निगम के अधिकारियों के खिलाफ फरवरी में भी एक प्राथमिकी हुई थी। ये प्राथमिकी समुचित अवरोधक, सर्विस लेन का निर्माण जैसे सुरक्षा मानक नहीं अपनाने के लिए की गयी थी।
इस बीच एक विज्ञप्ति के मुताबिक जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने कहा है कि प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिये गये हैं। जांच एडीएम मनोज कुमार राय करेंगे और वह तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
आपको बता दे कि वही पुल हादसे पर दुःख प्रकट करते हुये बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने आज कहा कि यह अत्यन्त ही गम्भीर और आपराधिक लापरवाही का मामला है, और सरकार को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिये ।
गौरतलब है कि चलते ट्रैफिक के दौरान वाराणसी में कल निर्माणाधीन पुल का एक बड़ा हिस्सा गिर गया था, जिससे इस घटना में 18 लोगों की मौत हो गयी थी ।
मायावती ने आज यहां बयान जारी कर कहा कि इस घटना की तुरन्त ही उच्च-स्तरीय जाँच कराकर दोषियों को कड़ी-से-कड़ी सज़ा दिलानी चाहिए, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसे को दोबारा होने से रोका जा सके ।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि घोर आपराधिक लापरवाही के ऐसे संगीन मामलों में शीर्ष नेता सस्ती मानसिकता दिखा कर केवल ”मन पर बोझ” बता देते हैं और जिम्मेदारी से मुक्ति पाने का प्रयास करते हैं जो सही नहीं है । उन्होंने कहा कि इसके लिये कुछ ठोस सुधारात्मक कार्रवाई और उपाय करने की सख़्त जरूरत है।
मायावती ने कहा कि अक्सर यही देखा गया है कि सरकार पीड़ित परिवारों व घायलों आदि को अनुग्रह राशि आदि देकर अपने आपको जिम्मेदारी से मुक्त समझ लेती है जबकि इसके साथ-साथ सरकार का असली कर्तव्य है कि वह दोषियों की पहचान करके सजा सुनिश्चित करे ताकि घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा नहीं होने के कारण ही प्रदेश में लगातार गम्भीर आपराधिक घटनायें होती चली जा रही हैं। प्रदेश में जमीनी स्तर पर हर तरफ हिंसा, अराजकता व जंगलराज जैसा माहौल है ।
मायावती ने कहा कि अपराध नियंत्रण व कानून-व्यवस्था के साथ- साथ खासकर दलितों व पिछड़ों के विरुद्ध जातिगत द्वेष, हिंसा व अन्याय-अत्याचार के मामले भी उत्तर प्रदेश में रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। इतना ही नहीं बल्कि ऐसे मामलो में अपराधियों को खुलेआम पुलिस व सरकारी संरक्षण मिलने के कारण स्थिति अत्यन्त ही गम्भीर बनती जा रही है।
24X7 नई खबरों से अवगत रहने के लिए क्लिक करे।


Download Android App
Download iOS App



