पटना, 28 सितंबर (आईएएनएस)। भाकपा-माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि भगत सिंह की विरासत देश की असली विरासत है और उनके सपनों के समाजवादी भारत के निर्माण के लिए साम्राज्यवाद, शोषण और असमानता के खिलाफ संघर्ष तेज करना होगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर भगत सिंह के विचारों और सपनों को कुचलने का आरोप लगाते हुए लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लोगों से आगे आने की अपील की।
गांधी मैदान के समीप भगत सिंह चौक पर आयोजित ‘संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ सभा को संबोधित करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि भगत सिंह ने जिस भारत का सपना देखा था, उसमें समानता हो और देश के संसाधनों पर सभी का समान अधिकार हो। उन्होंने कहा कि आज की सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को जेल में डाला जा रहा है और असहमति की आवाजों को कुचला जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ‘एसआईआर’ के नाम पर लोगों के मताधिकार को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है और देश के संसाधनों को मुट्ठी भर पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एसआईआर के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में देश का चुनाव आयोग नहीं चल सकता।
भट्टाचार्य ने कहा कि भगत सिंह महज 23 वर्ष की उम्र में देश के लिए शहीद हो गए थे। आज इसी उम्र के युवा भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगत सिंह पूंजीवाद और साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष के प्रतीक हैं। आज दुनिया का सबसे बड़ा साम्राज्यवादी देश अमेरिका पूरी दुनिया में अशांति फैला रहा है और केंद्र सरकार उसके साथ खड़ी दिखाई दे रही है।
उन्होंने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को किसानों और देश के आंतरिक हितों के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह के दो प्रमुख नारों ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘साम्राज्यवाद मुर्दाबाद’ के साथ आज ‘फासीवाद हो बर्बाद’ का नारा भी जुड़ गया है। इससे पहले भगत सिंह की जयंती के अवसर पर भट्टाचार्य ने गांधी मैदान के समीप भगत सिंह चौक पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। सभा में संविधान, लोकतंत्र, मताधिकार और भगत सिंह के समाजवादी भारत के सपने को साकार करने का संकल्प लिया गया।
–आईएएनएस
एमएनपी/पीएम
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