इंदौर, 2 अक्टूबर (आईएएनएस) । इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में सामने आई जांच रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट में वास्तविक जिम्मेदार लोगों की भूमिका की अनदेखी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे राजनीतिक दबाव में तैयार किया गया। वर्मा ने मांग की कि मामले में उन सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी तय की जाए, जिन्हें इलाके की स्थिति और पानी से जुड़ी समस्या की जानकारी थी।
सज्जन सिंह वर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भागीरथपुरा की घटना भाजपा सरकार, स्थानीय प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के लिए गंभीर सवाल है। दूषित पानी की वजह से करीब 40 लोगों की मौत हुई है। हाल ही में एक और महिला की मौत हुई, जो लंबे समय से अस्पताल में भर्ती थी।
वर्मा ने कहा कि इलाके में पानी की समस्या को लेकर लंबे समय से प्रक्रिया चल रही थी। योजना बनाई गई, मंजूरी की प्रक्रिया चली और मामला लंबे समय तक खिंचता रहा। इस पूरी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में केवल एक-दो अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराकर मामले को समाप्त करने की कोशिश की गई है। क्षेत्र के विधायक, संबंधित विभाग के मंत्री और स्थानीय पार्षद समेत उन सभी लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए, जिन्हें समस्या की जानकारी थी।
उन्होंने दावा किया कि जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री मोहन यादव के दबाव में तैयार की गई। उन्होंने मांग की कि मौतों के वास्तविक कारणों और प्रशासनिक लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाए।
राहुल गांधी के बालाघाट दौरे और मध्य प्रदेश में उनके लगातार दौरों के राजनीतिक प्रभाव के सवाल पर सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि इन दौरों का उद्देश्य राजनीतिक प्रभाव पैदा करना नहीं, बल्कि प्रदेश की समस्याओं को सीधे देखना है। उन्होंने कहा कि जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी प्रदेश में आकर लोगों की समस्याएं देखते हैं तो इससे शासन और प्रशासन भी सतर्क होता है। दौरे का उद्देश्य प्रभावित लोगों तक उनकी समस्याओं को पहुंचाना और सरकार का ध्यान उन मुद्दों की ओर आकर्षित करना है।
वर्मा ने बालाघाट में छात्रों से जुड़े मुद्दों और कुपोषण से बच्चों की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी का दौरा सरकार को जमीनी स्थिति से अवगत कराने के लिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार इन समस्याओं को लेकर पर्याप्त रूप से गंभीर नहीं है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के विरोध और विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार की उस टिप्पणी पर भी सज्जन सिंह वर्मा ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष चुनाव हारने पर अंपायर को दोष देता है। वर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल केवल कांग्रेस या विपक्ष नहीं उठा रहा है। चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों की ओर से भी शिकायतों और फैसलों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्तों की ओर से ज्ञानेश कुमार के समक्ष शिकायतें रखे जाने के बावजूद उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को केवल राजनीतिक हार से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
–आईएएनएस
पीएसके
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