मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत का समुद्री व्यापार फिर से पटरी पर, जहाजों की आवाजाही सामान्य : केंद्रीय मंत्री सोनोवाल

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नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। ‘इस्लामाबाद टॉक’ के असफल होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिकी धमकी से दुनियाभर के देशों में चिंता का माहौल है। इसी बीच, केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक साक्षात्कार में पहली बार विस्तार से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के त्वरित और समन्वित कदमों से भारत के समुद्री व्यापार पर पड़े असर को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है और अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने बताया कि मंत्रालय ने शुरुआत से ही लगातार निगरानी और सभी…

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। ‘इस्लामाबाद टॉक’ के असफल होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिकी धमकी से दुनियाभर के देशों में चिंता का माहौल है। इसी बीच, केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक साक्षात्कार में पहली बार विस्तार से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के त्वरित और समन्वित कदमों से भारत के समुद्री व्यापार पर पड़े असर को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है और अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने बताया कि मंत्रालय ने शुरुआत से ही लगातार निगरानी और सभी प्रमुख बंदरगाहों व हितधारकों के साथ करीबी समन्वय बनाए रखा। जहाजों की आवाजाही, कार्गो कंजेशन और बंदरगाह-स्तरीय संचालन पर नजर रखने के लिए रियल-टाइम रिव्यू मैकेनिज्म लागू किया गया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्पष्ट निर्देश थे कि आपूर्ति श्रृंखला पर कम से कम असर पड़े, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएं। इसी के तहत बंदरगाहों को नवाचार आधारित संचालन, यार्ड क्षमता बढ़ाने और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग को सुगम बनाने के निर्देश दिए गए।

मंत्री ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट में बाधा के कारण जो बैकलॉग बना था, उसका करीब 90 प्रतिशत हिस्सा प्रमुख बंदरगाहों से क्लियर हो गया है। उन्होंने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि अब जहाजों की आवाजाही स्थिर हो गई है और स्थिति काफी हद तक सामान्य हो चुकी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंत्रालय अब भी सतर्क है और किसी भी संभावित समस्या से निपटने के लिए लगातार निगरानी जारी रखी गई है।

सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता निर्यातकों, आयातकों और लॉजिस्टिक्स से जुड़े सभी हितधारकों के हितों की रक्षा करना है। इसके लिए सभी पोर्ट अथॉरिटीज को ग्राउंड रेंट में छूट और रीफर चार्जेस में रियायत जैसे वित्तीय राहत उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इन लाभों को बिना किसी देरी के सीधे हितधारकों तक पहुंचाया जा रहा है। साथ ही शिकायत निवारण प्रणाली को भी मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी परिचालन या लागत संबंधी समस्या का तुरंत समाधान हो सके।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संकट के समय मुनाफाखोरी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग को सभी शिपिंग शुल्कों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल कड़ी निगरानी और दस्तावेजीकरण के जरिए ऐसी प्रवृत्तियों को रोकने पर जोर है। यदि कोई मामला सामने आता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सोनोवाल ने कहा कि हालात में काफी सुधार हुआ है और समय पर उठाए गए कदमों से समुद्री संचालन में सामान्य स्थिति बहाल हो गई है। हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार का फोकस समुद्री क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और हर स्थिति में भारत के व्यापारिक हितों की रक्षा करने पर है।

–आईएएनएस

डीएससी/एबीएम

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