भारत में 12 मित्र देशों की सेनाओं ने किया आतंकवादरोधी संयुक्त अभ्यास

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नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस) भारत में 12 अलग अलग-अलग देशों की सेनाओं का एक विशेष अभियान जारी है। यह एक आतंकवाद-रोधी संयुक्त अभ्यास है जो देश के उत्तर पूर्वी राज्य मेघालय में चल रहा है। मेघालय के उमरोई में आयोजित यह ‘प्रगति 2026’ बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास है। भारतीय सेना ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह अभ्यास पूरे उत्साह और रणनीतिक समन्वय के साथ जारी है। इस महत्वपूर्ण अभ्यास में 12 मित्र देशों की सेनाएं अर्ध-पहाड़ी और घने जंगल वाले क्षेत्रों में संयुक्त रूप से आतंकवाद-रोधी अभियानों का प्रशिक्षण ले रही हैं। इस सैन्य अभ्यास में…

नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस) भारत में 12 अलग अलग-अलग देशों की सेनाओं का एक विशेष अभियान जारी है। यह एक आतंकवाद-रोधी संयुक्त अभ्यास है जो देश के उत्तर पूर्वी राज्य मेघालय में चल रहा है। मेघालय के उमरोई में आयोजित यह ‘प्रगति 2026’ बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास है।

भारतीय सेना ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह अभ्यास पूरे उत्साह और रणनीतिक समन्वय के साथ जारी है। इस महत्वपूर्ण अभ्यास में 12 मित्र देशों की सेनाएं अर्ध-पहाड़ी और घने जंगल वाले क्षेत्रों में संयुक्त रूप से आतंकवाद-रोधी अभियानों का प्रशिक्षण ले रही हैं। इस सैन्य अभ्यास में भारत के अलावा भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम की सैन्य टुकड़ियां शामिल हैं।

यह सैन्य अभ्यास मुख्यतौर पर अर्ध-पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी अभियानों पर केंद्रित है। अभ्यास के दौरान इन विभिन्न देशों के सैनिक संयुक्त ड्रिल, सामरिक अभ्यास और मिशन-उन्मुख प्रशिक्षण गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य ‘प्रगति 2026’ में भाग लेने वाली सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, संचालन क्षमता और संयुक्त अभियानों में सहयोग को और ज्यादा मजबूत बनाना है।

सेना के अनुसार कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में किए जा रहे अभ्यास से सैनिकों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण प्राप्त हो रहा है। ‘प्रगति 2026’ को साझेदारी, समानता और साझा सुरक्षा उद्देश्यों की भावना के साथ आयोजित किया जा रहा है। यह अभ्यास विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच पेशेवर अनुभव साझा करने, आधुनिक सैन्य रणनीतियों और सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। साथ ही इससे देशों के बीच आर्मी टू आर्मी संबंध भी मजबूत हो रहे हैं।

रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक तेजी से बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य के बीच यह अभ्यास सामूहिक सुरक्षा और रक्षा सहयोग की दिशा में काफी महत्वपूर्ण है। संयुक्त प्रशिक्षण और साझा अनुभवों के माध्यम से ‘प्रगति 2026’ ने भाग लेने वाले देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता, रक्षा सहयोग तथा सुरक्षित हिंद महासागर क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास न केवल सामरिक समन्वय को बढ़ाते हैं, बल्कि आपदा प्रबंधन, आतंकवाद-रोधी अभियानों और मानवीय सहायता कार्यों में भी देशों के बीच बेहतर सहयोग सुनिश्चित करते हैं।

उमरोई में जारी यह अभ्यास भारत की साझा सुरक्षा और साझा समृद्धि की नीति को भी मजबूत संदेश दे रहा है। सेना के अनुसार पर्वतीय और जंगल क्षेत्र में आतंकवाद-रोधी अभियानों पर केंद्रित यह अभ्यास संयुक्त योजना, सामरिक अभ्यास और समन्वित अभियानों के माध्यम से ऑपरेशनल तालमेल को और बेहतर बना रहा है। दरअसल एक्सरसाइज ‘प्रगति’ सेनाओं के बीच शांति, स्थिरता, सुरक्षा और सहयोगात्मक विकास के प्रति साझा संकल्प को दर्शाता है।

–आईएएनएस

जीसीबी/पीएम

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