भारत-यूके के बीच रक्षा संबंध मजबूत करने के लिए तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे ब्रिटेन के वायुसेना प्रमुख

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नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। उभरती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से ब्रिटेन के वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल सर हार्व स्माइथ भारत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस महत्वपूर्ण यात्रा को दोनों देशों के बीच सैन्य साझेदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। अपने दौरे की शुरुआत में एयर चीफ मार्शल स्माइथ ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्हें भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अपनी यात्रा…

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। उभरती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से ब्रिटेन के वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल सर हार्व स्माइथ भारत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस महत्वपूर्ण यात्रा को दोनों देशों के बीच सैन्य साझेदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

अपने दौरे की शुरुआत में एयर चीफ मार्शल स्माइथ ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्हें भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच बदलते सुरक्षा परिदृश्य, आधुनिक खतरों और द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को ज्यादा मजबूत करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। हाल के वर्षों में संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शैक्षणिक आदान-प्रदान के जरिए दोनों वायुसेनाओं के बीच सहयोग नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है।

गौरतलब है कि इसी वर्ष फरवरी में भारत और यूके के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ था, जिसके तहत भारतीय वायुसेना के तीन क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (क्यूएफआई) को यूके के रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) वैली में तैनात किया जाएगा। यह बेस ब्रिटिश फास्ट जेट पायलटों के प्रशिक्षण के लिए प्रमुख केंद्र है, जिससे दोनों देशों के बीच तकनीकी और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

अपने दौरे के अगले चरण में दोनों देशों के वायुसेना प्रमुख मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित एयर फोर्स स्टेशन का दौरा करेंगे। यहां वे भारतीय वायुसेना की परिचालन प्रक्रियाओं (ऑपरेशनल प्रोसीजर्स) और आधुनिक हवाई खतरों से निपटने की रणनीतियों का जायजा लेंगे।

माना जा रहा है कि यह दौरा भारत-यूके रक्षा संबंधों को अधिक गहराई देने के साथ-साथ इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को भी मजबूती प्रदान करेगा।

–आईएएनएस

पीएसके/एबीएम

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