उज्जैन, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार सुबह बाबा के दर एक अलौकिक दृश्य देखने को मिला। सुबह की भस्म आरती के दौरान बाबा को श्री गणेश के दिव्य स्वरूप में सजाया गया।
बाबा के इस विशेष शृंगार को देखने के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालु देर रात से ही मंदिर परिसर में लंबी कतार में खड़े थे। वैशाख कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि बुधवार को बाबा का अलौकिक दृश्य देखने के बाद पूरा मंदिर ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष से गूंज उठा था।
परंपरा अनुसार, भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के कपाट खोले गए। महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा पहले बाबा का जलाभिषेक किया और बाद में पंचामृत से स्नान करवाया गया। इस पंचामृत में शुद्ध दूध, ताजा दही, देसी घी, शक्कर, शहद और विभिन्न फलों के रस का मिश्रण शामिल था। अभिषेक के बाद भस्म आरती का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें बाबा को भस्म चढ़ाई गई और आरती उतारी गई। इसमें महाकाल भक्तों को निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं।
यह आरती वैराग्य और मृत्यु के सत्य का प्रतीक है। बाबा पर चढ़ने वाली भस्म कपिला गाय के कंडों की राख, पलाश, बड़, पीपल और बेर की लकड़ियों को जलाकर विशेष रूप से तैयार की जाती है। आरती के दौरान शिवलिंग पर लगभग ढाई किलो भस्म चढ़ाई जाती है, जिससे बाबा महाकाल को जगाने की परंपरा पूरी की जाती है।
बुधवार के दिन बाबा का विशेष शृंगार किया गया था। शृंगार की खास बात थी कि भगवान को वैष्णव तिलक लगाकर श्री गणेश के स्वरूप में सजाया गया। फिर, बाद में महाकाल की कपूर आरती की गई और उसके बाद उन्हें भोग लगाया गया।
भक्तों ने इस पवित्र आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल के दिव्य रूप का आनंद लिया। हर तरफ ‘हर हर महादेव’ और ‘जय श्री महाकाल’ के जयकारे गूंज रहे थे। मंदिर का पूरा परिसर भक्ति भाव से भर गया था।
–आईएएनएस
एनएस/एएस
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



