भूमि घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करोड़ों रुपए के भूमि घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने दो मास्टरमाइंड जी राम चंद्र मोहन और आकाश मालवीय को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष अदालत ने पेश किया गया, जहां से उन्हें ईडी की हिरासत में भेज दिया गया। ईडी के अनुसार, यह मामला स्पिरिचुअल रीजनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एसआरएमएफ) की संपत्तियों की फर्जी बिक्री से जुड़ा है। यह संस्था वर्ष 1963 में पंजीकृत एक चैरिटेबल सोसायटी है। जांच में सामने आया कि आरोपियों…

नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करोड़ों रुपए के भूमि घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने दो मास्टरमाइंड जी राम चंद्र मोहन और आकाश मालवीय को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष अदालत ने पेश किया गया, जहां से उन्हें ईडी की हिरासत में भेज दिया गया।

ईडी के अनुसार, यह मामला स्पिरिचुअल रीजनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एसआरएमएफ) की संपत्तियों की फर्जी बिक्री से जुड़ा है। यह संस्था वर्ष 1963 में पंजीकृत एक चैरिटेबल सोसायटी है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए ट्रस्ट की सैकड़ों करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियों को तीन राज्यों, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़, में अवैध रूप से बेच दिया।

ईडी की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस नोट में बताया गया कि एजेंसी ने 14-15 मई को व्यापक छापेमारी के बाद यह कार्रवाई की। साथ ही, एम/एस सिंहवाहिनी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के बैंक खातों व चल संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। जांच एजेंसी ने 7 मई को दर्ज ईसीआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी, जो विभिन्न एफआईआर से जुड़ा है। इन एफआईआर में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी पहचान और आपराधिक विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

ईडी के मुताबिक, मुख्य आरोपी जी राम चंद्र मोहन ने खुद को वर्ष 2010 में एसआरएमएफ का कोषाध्यक्ष बताकर एक फर्जी संस्था बनाई, नकली पैन कार्ड हासिल किया (जिसे बाद में आयकर विभाग ने फर्जी घोषित कर निष्क्रिय कर दिया) और अवैध रूप से बैंक खाते खोलकर अपराध की आय को ट्रांसफर किया। वहीं, आकाश मालवीय ने खुद को संस्था का कार्यकारी सदस्य बताकर फर्जी बिक्री दस्तावेजों पर अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के रूप में भूमिका निभाई।

जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी के निदेशक प्रदीप सिंह ने इस पूरे घोटाले में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्हें यह जानकारी होने के बावजूद कि जमीन एसआरएमएफ की है और आरोपियों के पास उसे बेचने का कोई वैध अधिकार नहीं है, उन्होंने जानबूझकर इन सौदों में भाग लिया। इतना ही नहीं, बिक्री के तुरंत बाद उन्होंने जमीन के हिस्सों को तीसरे पक्ष को भी बेच दिया।

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17(1ए) के तहत प्रदीप सिंह और उनकी कंपनी की बैंक जमा, लॉकर और लग्जरी वाहनों, टोयोटा हाइब्रिड, लैंड रोवर डिफेंडर और महिंद्रा थार रॉक्स, को भी फ्रीज कर दिया है। ईडी का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

–आईएएनएस

पीएसके

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