बिहार : राजद ने शिवचंद्र राम का इस्तीफा किया नामंजूर, पार्टी ने बताया समर्पित सिपाही

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पटना, 9 जून (आईएएनएस)। बिहार विधान परिषद चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा करने वाले वरिष्ठ नेता शिवचंद्र राम का इस्तीफा पार्टी ने नामंजूर कर दिया है। मंगलवार को राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि शिवचंद्र राम का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि इस्तीफे की घोषणा के बाद पार्टी के मुख्य सचेतक कुमार सर्वजीत सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने शिवचंद्र राम से बातचीत की और उन्हें मनाने का प्रयास किया। नेताओं की…

पटना, 9 जून (आईएएनएस)। बिहार विधान परिषद चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा करने वाले वरिष्ठ नेता शिवचंद्र राम का इस्तीफा पार्टी ने नामंजूर कर दिया है।

मंगलवार को राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि शिवचंद्र राम का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि इस्तीफे की घोषणा के बाद पार्टी के मुख्य सचेतक कुमार सर्वजीत सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने शिवचंद्र राम से बातचीत की और उन्हें मनाने का प्रयास किया। नेताओं की पहल के बाद उन्होंने अपनी नाराजगी दूर की और पार्टी में बने रहने पर सहमति जताई।

शक्ति सिंह यादव ने कहा कि शिवचंद्र राम राजद के पुराने और समर्पित सिपाही हैं। सामाजिक न्याय की विचारधारा के प्रति उनकी गहरी आस्था रही है और पार्टी उनके योगदान का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि राजद नेतृत्व उनके अनुभव और समर्पण को महत्व देता है।

सोमवार को हुए नाटकीय घटनाक्रम के बीच शिवचंद्र राम ने एससी, एसटी की उपेक्षा और सम्मान नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए पार्टी के अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वह भावुक हो गए थे और फूट-फूटकर रो पड़े थे। इस दौरान उन्होंने हालांकि पार्टी में रहने की बात कही थी। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव को भेजे गए दो पन्ने के इस त्यागपत्र में राजद नेता शिवचंद्र राम ने बिहार विधान परिषद की रिक्त सीट को लेकर दलित समाज और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया है।

शिवचंद्र राम ने लिखा था कि विधान परिषद सीट को लेकर दलित, रविदास समाज और हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं में उम्मीद थी, लेकिन हाल की घटनाओं से समाज में निराशा और पीड़ा बढ़ी है। इस्तीफे की घोषणा के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की भी खबर आई थी।

गौरतलब है कि सोमवार को राजद उम्मीदवार के रूप में डॉ. सुनील कुमार सिंह ने विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। उनकी उम्मीदवारी को लेकर पार्टी के भीतर भी असहमति के स्वर सुनाई दिए थे। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाए थे।

वहीं शिवचंद्र राम के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी। पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने भी उनकी नाराजगी को लेकर प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि उनकी पार्टी जनशक्ति जनता दल उनके साथ खड़ी है। दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी इस मुद्दे को लेकर राजद पर निशाना साधा था।

–आईएएनएस

एमएनपी/एसके

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