कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर के जिन्ना वाले बयान पर बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने पलटवार किया है।उन्होंने कहा है कि शशि थरूर यह कह रहे हैं कि देश में जिन्ना की विचारधारा फिर पनप रही है तो उन्हें यह सवाल अपने नेता राहुल जिन्ना (राहुल गांधी) से करनी चाहिए। राहुल गांधी और उनके परिवार ने देश में बंटवारे की राजनीति की है जो कभी जिन्ना किया करते थे।
बता दें की कांग्रेस नेता थरूर ने रविवार को जयपुर साहित्य महोत्सव (जेएलएफ) से इतर कहा, ‘‘मैं यह नहीं कहूंगा कि जिन्ना जीत चुके हैं, बल्कि यह कहूंगा कि जिन्ना जीत रहे हैं। अब भी देश के पास जिन्ना और गांधी के देश के विचार में से किसी एक को चुनने का विकल्प है।’’ देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच सीएए दिसंबर में लागू हो गया।
उन्होंने कहा, सीएए में किसी भी धर्म को राष्ट्रीयता का आधार बनाने का जिन्ना का तर्क अपनाया गया है, वहीं गांधी का विचार यह था कि सभी धर्म बराबर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ सीएए पर आप कह सकते हैं कि एक कदम जिन्ना की ओर ले जाएगा। लेकिन अगला कदम अगर एनपीआर और एनआरसी होगा तो आप यह मान लें कि पूरी तरह जिन्ना की जीत हो गई।’’
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थरूर ने कहा, ‘‘ पहले कभी यह नहीं पूछा गया कि आपके माता-पिता का जन्म कहां हुआ था। आंकड़े जमा करने वाले कर्मचारियों को कभी ‘संदिग्ध नागरिकता’ वाले सवाल करने की अनुमति नहीं थी। ‘संदिग्ध नागरिकता’ शब्दावली का इस्तेमाल एनपीआर में है और यह पूरी तरह से भाजपा की खोज है।’’
उन्होंने कहा कि अगर देश में उस कर्मचारी की तरह घूमें जो सभी नागरिकों का साक्षात्कार करता है या ‘संदिग्ध नागरिकता’ वाले लोगों की पहचान करता है तो इसके लिए आश्वस्त रहना चाहिए कि कौन से भारतीय ‘संदिग्ध नागरिकता’ के दायरे में आने जा रहे हैं।
थरूर ने कहा, ‘‘ सैद्धांतिक तौर पर सिर्फ एक ही समुदाय होगा जो सीएए में नहीं है और अगर ऐसा होता है तो यह वास्तव में जिन्ना की जीत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ वह (जिन्ना) जहां भी होंगे, वह इधर इशारा कर कहेंगे कि देखो मैं 1940 में सही था। हम अलग देश हैं और मुस्लिमों को अपना ही देश चाहिए क्योंकि हिंदू उनके साथ न्याय नहीं कर सकते।’’


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