BRICS Summit 2026: नई दिल्ली से आतंकवाद को ब्रिक्स का सख्त संदेश, जानिए इस सम्मेलन के 5 बड़े फैसले

Summary :

भारत की अगुवाई में ब्रिक्स के सदस्य देशों के नेताओं ने आतंकवाद से लेकर वैश्विक व्यापार, जलवायु सुरक्षा और संयुक्त राष्ट्र सुधारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर एकजुटता जताई। विकासशील राष्ट्रों की आवाज को वैश्विक मंच पर बुलंद करने के उद्देश्य से जारी किए गए इस संयुक्त घोषणापत्र में कई फैसले लिए गए हैं। यहां हम उन 5 सबसे अहम फैसलों के बारे में बताएंगे, जो भविष्य में ब्रिक्स सहयोग की दिशा तय करेंगे।

BRICS 2026 India Top 5 Decisions

BRICS 2026 India Top 5 Decisions : नई दिल्ली में संपन्न हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक खत्म हो चुका है। इस समय दुनियाभर में भारी उथल पुथल के बीच अध्यक्षता की जिम्मेदारी संभालना और ग्लोबल राजनीति को समझते हुए निर्णय लेना आसान नहीं था। इस दौरान भारत ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए आपसी सहयोग और विकास को बढ़ावा दिया।

वहीं भारत की अगुवाई में ब्रिक्स के सदस्य देशों के नेताओं ने आतंकवाद से लेकर वैश्विक व्यापार, जलवायु सुरक्षा और संयुक्त राष्ट्र सुधारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर एकजुटता जताई। विकासशील राष्ट्रों की आवाज को वैश्विक मंच पर बुलंद करने के उद्देश्य से जारी किए गए इस संयुक्त घोषणापत्र में कई फैसले लिए गए हैं। यहां हम उन 5 सबसे अहम फैसलों के बारे में बताएंगे, जो भविष्य में ब्रिक्स सहयोग की दिशा तय करेंगे।

1. आतंकवाद के खिलाफ सख्त कड़ा रुख

ब्रिक्स नेताओं ने आतंकवाद के सभी रूपों की कड़े शब्दों में निंदा की। घोषणापत्र में विशेष रूप से पहलगाम में हुए आतंकी हमले का उल्लेख किया गया। सभी सदस्य देशों ने आतंकी फंडिंग को रोकने, आतंकवादियों को मिलने वाली आर्थिक मदद पर नकेल कसने और उन्हें किसी भी देश में सुरक्षित पनाहगाह न मिलने देने के लिए आपसी तालमेल बढ़ाने पर सहमति जताई।

2. सैन्य संघर्षों का शांतिपूर्ण समाधान

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे सैन्य तनावों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संगठन ने बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने पर जोर दिया। इसके अलावा समुद्री व्यापारिक मार्गों (Commercial Shipping Lanes) को सुरक्षित और खुला रखने तथा किसी भी विवाद को शांतिपूर्ण वार्ता के जरिए सुलझाने की जरूरत बताई।

3. व्यापार और सप्लाई चेन की मजबूती

वर्ष 2026 से 2030 के बीच ब्रिक्स राष्ट्र आपस में सप्लाई चेन को ज्यादा सुगम बनाएंगे। वैश्विक व्यापार में एकतरफा टैरिफ लगाए जाने पर चिंता जाहिर की गई। सदस्य देशों ने मार्केट एक्सेस बढ़ाने और ग्लोबल वैल्यू चेन को बेहतर बनाने का संकल्प लिया।

4. सैटेलाइट टेक्नोलॉजी में साझेदारी

पर्यावरण संबंधी चुनौतियों और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ब्रिक्स रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट कॉन्स्टलेशन सहयोग को मंजूरी दी गई, जिससे अंतरिक्ष डेटा का उपयोग पर्यावरण संरक्षण में हो सकेगा।

5. यूएन सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग

ब्रिक्स ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पुनर्गठन की मांग उठाई ताकि विकासशील देशों और ‘ग्लोबल साउथ’ को वैश्विक फैसलों में उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।