राजस्व विभाग ने मुकदमेबाजी को कम करने के लिए आयकर विभाग द्वारा विभिन्न न्यायाधिकरणों में अपील दायर करने के लिए न्यूतम मौद्रिक सीमा ऊंची कर दी है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बयान में कहा कि आयकर अपीली न्यायाधिकरण में अपील दायर करने की मौद्रिक सीमा को बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। पहले यह सीमा 20 लाख रुपये की थी।
इसी तरह उच्च न्यायालयों में मामला दायर करने की सीमा को दोगुना कर एक करोड़ रुपये कर दिया गया है। उच्चतम न्यायालय में अपील दायर करने की सीमा को भी एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये किया गया है।
विभाग ने कहा कि प्रभावशाली तरीके से करदाताओं की शिकायतों-मुकदमों को कम करने के लिए यह सीमा बढ़ाई गई है। इससे विभाग भी जटिल कानूनी मुद्दों और ऊंचे कर प्रभाव वाले मामलों पर ध्यान केंद्रित कर सकेगा।
सीबीडीटी ने कहा कि विभिन्न अपीलीय मंचों पर आयकर विभाग की काफी अपीलें लंबित हैं। इससे पहले इस सीमा को अंतिम बार जुलाई, 2018 में संशोधित किया गया था।


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