मुंबई, 9 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), मुंबई ने एक बड़े ऑपरेशन में वन्यजीवों की तस्करी करने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए कुल 53 संरक्षित जानवरों और पक्षियों को बचाया है। इसी के साथ सीबीआई-डीआरआई ने इस मामले में सम्मिलित 6 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।
सीबीआई ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी), मुंबई/कोलकाता की मदद से एक संयुक्त ऑपरेशन में 15 स्लो लोरिस, 2 बिंटुरोंग, 28 स्टार कछुए, 6 इजिप्टियन गिद्ध और 2 शिकरा पक्षियों को बरामद किया और बचाया। ये जानवर और पक्षी वाइल्डलाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1972 की अनुसूची-I के तहत आते हैं, जिन्हें भारत में सबसे ज्यादा सुरक्षा प्राप्त है।
सीबीआई-डीआरआई की ओर से यह संयुक्त कार्रवाई महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर की गई। यह कार्रवाई डीआरआई मुंबई द्वारा जुटाई गई खास जानकारी के आधार पर की गई, जिसमें वाइल्डलाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीवों के व्यापार में शामिल एक अंतर-राज्यीय अपराध गिरोह के बारे में पता चला था।
सीबीआई-डीआरआई ने इसके संबंध में 7 और 8 जुलाई को दो अलग-अलग मामले दर्ज किए और इस अपराध में शामिल मुंबई में तीन आरोपियों को तथा कोलकाता में तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
यह मामला वाइल्डलाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1972 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत आपराधिक साजिश (क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी) के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया था। आरोपियों ने व्यापार के लिए भारत के अलग-अलग हिस्सों से ये जानवर और पक्षी हासिल किए थे।
सीबीआई की ओर से की गई शुरुआती कार्रवाई के बाद, बरामद वन्यजीव प्रजातियों को सुरक्षित रखने और उनकी देखभाल के लिए महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के वन विभागों को सौंप दिया गया। यह संयुक्त कार्रवाई वन्यजीव तस्करी नेटवर्क को तोड़ने और वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट को सक्रिय रूप से लागू करने के लिए दो कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग को दिखाती है।
वहीं, मामले को लेकर सीबीआई और डीआरआई की ओर से आगे की कार्रवाई एवं जांच जारी है।
–आईएएनएस
डीके/डीकेपी
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