रिश्वतखोरी के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ा एक्शन लिया। केंद्रीय जांच एजेंसी ने 70,000 रुपए की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने पर इनकम टैक्स इंस्पेक्टर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता के खिलाफ प्राप्त याचिकाओं पर कार्रवाई न करने और आयकर विभाग द्वारा छापेमारी न करने के लिए सीबीआई ने मंगलवार को मुकदमा दर्ज किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आयकर आयुक्त कार्यालय में कार्यरत एक अधिकारी ने एक दलाल (बिचौलिए) के माध्यम से 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।
रिश्वतखोरी मामले सीबीआई कार्यवाई
शिकायतकर्ता आंध्र प्रदेश के एलुरु स्थित रामचंद्र राव पेटा में एक मोबाइल सर्विस की दुकान चलाता है। इनकम टैक्स इंस्पेक्टर ने उसके खिलाफ प्राप्त याचिकाओं पर नोटिस न देने और छापेमारी न करने के एवज में रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने इतनी बड़ी रिश्वत देने में असमर्थता जताई तो अंत में 1,20,000 रुपए (अधिकारी के लिए 1 लाख रुपए और दलाल के लिए 20,000 रुपए) पर समझौता हुआ। इस मामले में सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी दलाल को विजयवाड़ा के इनकम टैक्स इंस्पेक्टर की ओर से शिकायतकर्ता से 70,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
दोनों आरोपियों को कोर्ट में किया जाएगा पेश
इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अब दोनों आरोपियों को विजयवाड़ा स्थित सीबीआई मामलों की विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इनटैक्स इंस्पेक्टर बी. रामचंद्र राव और एलुरु के पाला गुडेम निवासी दलाल राजू उर्फ राजरत्नम के रूप में हुई है।


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