चुनाव आयोग ने असम, केरल और पुडुचेरी में ईवीएम रैंडमाइजेशन की दूसरी प्रक्रिया पूरी की

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नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के लिए ईवीएम-वीवीपीएटी मशीनों का दूसरा रैंडमाइजेशन पूरा कर लिया है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए की गई है। चुनाव आयोग ने 15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनावों और छह राज्यों में उपचुनावों का कार्यक्रम घोषित किया था। इन चुनावों में मतदान 9 अप्रैल 2026 को होना है, जबकि वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी। ईवीएम प्रबंधन प्रणाली (ईवीएम मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से दो चरणों वाली रैंडमाइजेशन प्रक्रिया…

नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के लिए ईवीएम-वीवीपीएटी मशीनों का दूसरा रैंडमाइजेशन पूरा कर लिया है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

चुनाव आयोग ने 15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनावों और छह राज्यों में उपचुनावों का कार्यक्रम घोषित किया था। इन चुनावों में मतदान 9 अप्रैल 2026 को होना है, जबकि वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी।

ईवीएम प्रबंधन प्रणाली (ईवीएम मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से दो चरणों वाली रैंडमाइजेशन प्रक्रिया अपनाई जाती है। पहले चरण में जिला-स्तरीय गोदामों से मशीनों को विधानसभा क्षेत्रों में रैंडम आधार पर आवंटित किया जाता है। दूसरे चरण में विधानसभा क्षेत्र स्तर से मतदान केंद्रों तक रैंडम तरीके से आवंटन किया जाता है।

आयोग के अनुसार, राष्ट्रीय और राज्य-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) द्वारा पहला रैंडमाइजेशन पहले ही पूरा किया जा चुका था। इसमें लगभग 8.85 लाख ईवीएम इकाइयों (बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपीएटी) को चुनावों के लिए आवंटित किया गया।

अब असम, केरल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के आम चुनावों और गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में 9 अप्रैल को होने वाले उपचुनावों के लिए दूसरा रैंडमाइजेशन पूरा हो गया है। यह प्रक्रिया संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों (आरओ) द्वारा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की उपस्थिति में ईवीएम प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से की गई।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि पहले और दूसरे रैंडमाइजेशन में शामिल सभी ईवीएम और वीवीपीएटी की सूची चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवारों के साथ साझा की जाएगी। इससे प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहेगी।

तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनावों और शेष दो राज्यों में होने वाले उपचुनावों के लिए उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि के बाद दूसरे रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

ईवीएम-वीवीपीएटी रैंडमाइजेशन की यह दो-चरणीय प्रक्रिया चुनावों में किसी भी प्रकार की हेराफेरी की आशंका को पूरी तरह समाप्त करने के लिए की जाती है। आयोग का मानना है कि रैंडम तरीके से मशीनों का आवंटन निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करता है और सभी उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों का विश्वास बनाए रखता है।

9 अप्रैल को असम, केरल और पुडुचेरी में एक साथ मतदान होगा। चुनाव आयोग ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं ताकि मतदान सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

–आईएएनएस

एससीएच

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