सीएम नीतीश कुमार ने जमुई जिले को 914 करोड़ रुपए की योजनाओं की सौगात दी

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पटना, 18 मार्च (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को समृद्धि यात्रा के क्रम में जमुई पहुंचे, जहां उन्होंने चल रही विकास योजनाओं का निरीक्षण किया और कई योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया। सीएम नीतीश कुमार जमुई जिले के लघुआड़ पहुंचे, जहां आयोजित कार्यक्रम स्थल से जिले के लिए 914 करोड़ रुपए की लागत से कुल 370 योजनाओं का रिमोट के जरिये उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 602 करोड़ रुपए की लागत से 181 योजनाओं का उद्घाटन एवं 312 करोड़ रुपए की लागत से 189 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषित…

पटना, 18 मार्च (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को समृद्धि यात्रा के क्रम में जमुई पहुंचे, जहां उन्होंने चल रही विकास योजनाओं का निरीक्षण किया और कई योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया।

सीएम नीतीश कुमार जमुई जिले के लघुआड़ पहुंचे, जहां आयोजित कार्यक्रम स्थल से जिले के लिए 914 करोड़ रुपए की लागत से कुल 370 योजनाओं का रिमोट के जरिये उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 602 करोड़ रुपए की लागत से 181 योजनाओं का उद्घाटन एवं 312 करोड़ रुपए की लागत से 189 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विकासात्मक एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का अवलोकन कर उनके प्रगति के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। कुंडघाट जलाशय योजना के उद्घाटन के बाद उन्होंने इसका निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कुंडघाट जलाशय क्षेत्र में बरसात के दिनों में आसपास के पहाड़ों एवं जंगल का पानी संग्रहित होगा, जिसका उपयोग सिंचाई में किया जाएगा। इस कुंडघाट जलाशय योजना से आसपास के किसानों को सिंचाई में काफी मदद मिलेगी।

इसी क्रम में उन्होंने विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। समीक्षा बैठक के दौरान जमुई के जिलाधिकारी नवीन ने प्रगति यात्रा से संबंधित योजनाओं, सात निश्चय-2 की योजनाओं तथा सात निश्चय-3 की योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया है। सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय का मुख्य मकसद राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है। इसे लेकर हम लोग लगातार काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि सभी लोगों का सम्मान हो एवं उनका जीवनयापन आसान हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने की बात करते हुए कहा, “जिससे देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सके।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बिहार में उद्योगों को और ज्यादा बढ़ावा मिले, बिहार के युवा दक्ष एवं आत्मनिर्भर हों तथा उन्हें अधिक से अधिक रोजगार मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण एवं जमुई जिले के प्रभारी मंत्री संजय कुमार एवं सूचना प्रावैधिकी मंत्री श्रेयसी सिंह के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

–आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी

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