प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी को लेकर मचे बवाल के बाद पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय ने सफाई पेश की और मीडिया संस्थानों को कड़ी फटकार लगाई। बता दे कि उच्च न्यायालय ने मंगलवार को गलत रिपोर्टिंग के लिए मीडिया संस्थानों को फटकार लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री है ऐसी कोई टिप्पणी हमने नहीं की फिर भी कुछ मीडिया संस्थानों ने इसे प्रकाशित कर दिया।
बता दे कि इस संबंध दायर जनहित याचिका मंगलवार को सुनवाई शुरू होते ही तीन जजों की पीठ ने कहा कि जिस संदर्भ में यह बात कही गई थी, उसमें भी ऐसा कुछ नहीं था। मीडिया ने हाईकोर्ट की टिप्पणी को गलत ढंग से पेश किया है।
सुनवाई के दौरान जब डेरे के वकील ने कहा कि पुलिस अकारण डेरों को सील कर रही है तो कोर्ट ने कहा कि हमने किसी डेरे को सील करने के लिए नहीं कहा, केवल जांच के लिए कहा है। यह सुनिश्चित करने को कहा है कि डेरा में हथियारों जैसी कोई खतरनाक चीज न हो।
उच्च न्यायालय ने कहा कि युद्ध जैसी स्थिति बन गई थी। ऐसी स्थिति को युद्ध की तरह ही निपटा जाना था पुलिस और सुरक्षा बलों ने जिस सख्ती के साथ दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई की उससे ऐसे लोगों में एक संदेश गया है की दोबारा अगर किसी ने इस तरह की हरकत की तो उनके खिलाफ भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जस्टिस एसएस सरों, जस्टिस सूर्यकांत एवं जस्टिस अवनीश झिंगन की खंडपीठ ने कहा कि पुलिस कभी कमजोर और पीड़ित नजर नहीं आनी चाहिए।


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