केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कोविड-19 महामारी में कथित कुप्रबंधन के लिए सरकार की आलोचना करने वाले विपक्षी दलों पर सोमवार को प्रहार किया और ‘‘आलोचकों’’ से अपील की कि आगे आएं और ‘‘अगर उन्हें वास्तव में कोई खामी’’ दिखती है तो उसे ठीक करने में योगदान दें।
उन्होंने कहा कि यह आपदा है जो सदी में एक बार आती है और यह समय है कि राजनीति से ऊपर उठते हुए मानवता के हित में कोविड से लड़ें। कार्मिक राज्यमंत्री ने इस तथ्य पर निराशा जाहिर की कि कई विपक्षी नेताओं के साथ ही ‘‘तथाकथित बुद्धिजीवी’’ मीडिया में बयान जारी करने पर काफी समय बिता रहे हैं या महामारी में कथित कुप्रबंधन को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए ट्वीट कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर इस समय और ऊर्जा को वे प्रशासन और समान विचारधारा वाले नागरिकों के साथ मिलकर चुनौती का सामना करने में लगाते तो कोविड के खिलाफ भारत की लड़ाई और आसान हो जाती। कार्मिक मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक सिंह ने कहा कि हाल के समय में उन्होंने देखा है कि विपक्षी नेताओं के साथ ही कुछ पत्रकार सरकार के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।
उन्होंने ऐसे सभी आलोचकों से अपील की कि आगे आएं और अगर उन्हें वास्तव में कोई खामी दिखती है तो उसे ठीक करने में योगदान दें। सिंह ने उन आलोचकों पर भी प्रहार किया जो कह रहे हैं कि सरकार महामारी की दूसरी लहर की भयावहता को परखने में विफल रही। उन्होंने उनसे रिकॉर्ड देखने के लिए कहा कि फरवरी तक दुनिया के बड़े वैज्ञानिकों और चिकित्सा पेशेवरों ने भी दूसरी लहर की इतनी भयावहता की संभावना नहीं जताई थी।


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