गुजरात के थानगढ़ इलाके में 2012 में पुलिस गोलीबारी का शिकार हुये एक दलित युवक के पिता ने गांधीनगर लोकसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। यहां से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी चुनावी मैदान में है।
वेलजी राठौड़ ने शुक्रवार को कहा कि वह ऐसा करके भाजपा नेतृत्व वाली सरकार को संदेश देना चाहते हैं कि उनके परिवार को इंसाफ नहीं मिला है। उनका बेटा सुरेंद्रनगर जिले के थानगढ़ गांव में हुई पुलिस फायरिंग में मारे गए तीन लड़कों में से एक था।
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दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के बीच 22 एवं 23 सितम्बर, 2012 को हुये लड़ाई झगड़े पर काबू पाने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी थी जिसमें तीन युवक पंकज सुमरा, प्रकाश परमार और मेहुल राठौड़ की मौत हो गई थी।
इस मामले की जांच की गई लेकिन उसके निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए गए। राठौड़ ने कहा, कि वे छह साल से अपने बेटे के लिए इंसाफ पाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। और अभी तक दोषियों को कटघरे में नहीं लाया जा सका है।
उन्होंने कहा कि शाह के खिलाफ गांधीनगर से चुनाव लड़ने का मकसद सरकार को यह बताना है कि परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिला है।


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