नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को आयोजित ‘इंडिया’ ब्लॉक की बैठक होने वाली है। इस बैठक में शामिल होने के लिए तमाम राजनीतिक दलों के नेता राजधानी पहुंच रहे हैं। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता और सांसद संजय राउत ने बताया कि उद्धव ठाकरे इस बैठक में वर्चुअली जुड़ेंगे।
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने बताया कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे की भागीदारी गठबंधन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
संजय राउत ने लिखा, ”आज दिल्ली में ‘इंडिया’ ब्लॉक की बैठक में शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे वर्चुअल रूप से शामिल होंगे। शिवसेना ‘इंडिया’ गठबंधन की एक प्रतिबद्ध सदस्य है। हमारा लगातार और आगे भी यही रुख रहेगा कि ‘इंडिया’ ब्लॉक को और अधिक एकजुट और मजबूत बनाया जाए। हम देश के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे और 2029 में सार्थक बदलाव लाएंगे।”
यह बैठक दिल्ली में होने वाली है, जिसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी शामिल होने वाली हैं लेकिन प्रमुख सहयोगी दल डीएमके इस बैठक में शामिल नहीं होने वाली है।
कांग्रेस की लंबे समय से सहयोगी रही डीएमके ने तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा किए गए “विश्वासघात” का हवाला देते हुए बैठक में शामिल न होने का फैसला किया है। तमिलनाडु में चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी ने सरकार बनाने के लिए विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) का समर्थन किया था। इसी से डीएमके नाराज है और इसे विश्वासघात बताया है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि सोमवार 8 जून को दोपहर 12 बजे नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाली ‘इंडिया जनबंधन’ की बैठक में 23 राजनीतिक दलों ने शामिल होने की पुष्टि की है। कुछ दलों ने अपने कारणों से इस बैठक में शामिल न हो पाने की बात कही है – हालांकि, उन्होंने मोदी सरकार की उन नीतियों और कामों का कड़ा विरोध जताया है जिनसे लाखों भारतीयों का वोट देने का अधिकार छिन रहा है, संविधान पर रोज हमले हो रहे हैं, जांच एजेंसियों के जरिए विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, करोड़ों भारतीयों की आजीविका को गंभीर नुकसान पहुंचाया जा रहा है, लगातार बढ़ती कीमतों से घर का बजट बिगड़ रहा है, लाखों युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को तोड़ा जा रहा है, निवेश का माहौल खराब हो रहा है और विदेश नीति से राष्ट्रीय हितों से समझौता किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक गठबंधन सहयोगियों के बीच हुई चर्चा के बाद बुलाई गई, जिसमें तृणमूल कांग्रेस की अहम भूमिका रही। बैठक के अंत में विपक्षी एकता को मजबूत करने पर जोर दिए जाने की उम्मीद है, हालांकि गठबंधन के भीतर मतभेद अभी भी चुनौती बने हुए हैं।
–आईएएनएस
एएमटी/पीएम
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