नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। दिल्ली में दक्षिण पश्चिम जिले के साइबर पुलिस स्टेशन ने इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्यूअल के बहाने लोगों को ठगने वाले एक फर्जी इंश्योरेंस गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 4 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो लाख नकद, तीन कीपैड मोबाइल और चार एंड्रॉयड फोन बरामद किए हैं।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में सुनील कुमार रावत (38), राहुल (28), सोनू (37) और शिवम उर्फ मोनू (26) की गिरफ्तारी की गई है। 18 मई को दक्षिण पश्चिम जिले में केस दर्ज किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे एक फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बनकर बात करने वाले व्यक्ति ने उसे गलत जानकारी दी कि उनकी इंश्योरेंस पॉलिसी की समय सीमा खत्म हो गई है और रिन्यूअल के लिए 4 लाख रुपये का प्रीमियम बकाया है।
इसके बाद पीड़ित शिकायतकर्ता ने धोखाधड़ी करने वालों की ओर से बताए गए बैंक खातों में 4 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इस मामले की जांच के लिए पुलिस की ओर से विशेष टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने मोबाइल नंबरों, डिजिटल फुटप्रिंट्स, फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन और मनी ट्रेल का टेक्निकल एनालिसिस किया।
पुलिस के अनुसार, लगातार निगरानी और लोकल इंटेलिजेंस के जरिए दिल्ली के गांधीनगर से आरोपी सुनील कुमार रावत को पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि राहुल नामक व्यक्ति ने धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए म्यूल सिम कार्ड, बैंक खाते और नकली इंश्योरेंस दस्तावेज़ों का इंतज़ाम किया था। उसके ठिकाने की तलाशी लेने पर दो मोबाइल फोन, आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट और 2 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
आगे की जांच में आरोपी राहुल और सोनू को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपी पीड़ितों को गलत जानकारी देते थे कि उनकी इंश्योरेंस पॉलिसी की समय-सीमा खत्म हो गई है और रिन्यूअल के लिए तुरंत प्रीमियम जमा करने की जरूरत है। धोखाधड़ी से हासिल की गई रकम को सिंडिकेट की ओर से इंतजाम किए गए ‘म्यूल’ बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था।
पुलिस के अनुसार, इसके बाद लेनदेन को असली दिखाने के लिए पीड़ितों को नकली इंश्योरेंस पॉलिसी के दस्तावेज दिए जाते थे। बाद में धोखाधड़ी के पैसे को कैश में निकाला गया और सिंडिकेट के सदस्यों के बीच उनकी भूमिकाओं के हिसाब से बांट दिया गया।
–आईएएनएस
एसडी/पीएम
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