राज्यसभा में शुक्रवार को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जब बोल रहे थे तो हरियाणा से कांग्रेस के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने उनपर झूठ बोलने का आरोप लगाया। कुछ देर तक तो कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, सांसद दीपेंद्र भाई..दीपेंद्र भाई का संबोधन कर उन्हें शांत रहने का आग्रह करते रहे और आखिर में नाराज होकर कहा कि कान खोलकर सुनो और अगली बार जब कृषि पर बहस हो तो पढ़कर आना।
दरअसल, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने केंद्र सरकार के कांट्रैक्ट फामिर्ंग कानूनों पर चर्चा करने के दौरान कहा कि पंजाब में तो कांट्रैक्ट फामिर्ंग का ऐसा कानून है, जिसमें किसानों के जेल जाने और पांच लाख के जुर्माने के प्रावधान हैं, जबकि केंद्र सरकार के नए बने कानून में किसानों को पूरी आजादी है कि वह जब चाहें तब कांट्रैक्ट से खुद को अलग कर सकते हैं। जबकि पूरा पैसा दिए बगैर संबंधित कंपनी कांट्रैक्ट से अलग नहीं हो सकती।
कृषि मंत्री तोमर के इस बयान पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने विरोध जताते हुए झूठ बोलने की बात कही। जिस पर कृषि मंत्री ने पंजाब के कानूनों के कागजात लहराते हुए कहा कि कान खोलकर सुनो और अगली बार जब कृषि कानूनों पर बहस हो तो पढ़कर आना।
तोमर ने कहा कि पंजाब, हरियाणा सहित करीब 20-22 राज्य ऐसे हैं, जिन्होंने कांट्रैक्ट फार्मिंग को लेकर नए कानून बनाए हैं या फिर ऐसा प्रावधान किया है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार ने ट्रेड एक्ट बनाया। यह प्रावधान है कि एपीएमसी के बाहर जो एरिया होगा वह ट्रेड एरिया होगा। यह किसान का घर या खेत भी हो सकता है। एपीएमसी के बाहर कोई ट्रेड होगा तो किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लगेगा। जबकि एपीएमसी के भीतर राज्य सरकार टैक्स लेती है, जबकि बाहर केंद्र सरकार ने टैक्स खत्म किया है।
कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि आज हम कह सकते हैं कि गरीब हितैषी योजनाओं के कारण गांव में रहने वालों के जीवन स्तर में परिवर्तन आया है। सरकार कोई भी हो, सरकार का धर्म यही है कि देश में रहने वाले गांव, गरीब, किसान के जीवन स्तर में बदलाव आए।


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