NEET एग्जाम रद्द होने के बाद क्यों हो रही दिग्विजय सिंह पैनल की चर्चा? क्या है इसका लीक प्रूफ सुझाव

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Digvijay Singh Panel on NTA : नीट एग्जाम 2026 रद्द हो गया है. NTA ने एग्जाम रद्द होने के बीच धांधली होने की संभावनाओं की बात की है. बता दें ऐसा फैसला तब लिया गया जब गैस पेपर से नीट प्रश्पत्रों में भारी समानता देखने को मिली है. एग्जाम रद्द होने के बाद 22 लाख से अधिक परिवारों में चिंता की लहर दौड़ गई है. वहीं अब इस मामले में अब दिग्विजय सिंह पैनल की चर्चा तेज हो गई है. National Testing Agency: क्या है दिग्विजय सिंह पैनल दिग्विजय सिंह पैनल (समिति) का तात्पर्य कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह…

Digvijay Singh Panel on NTA : नीट एग्जाम 2026 रद्द हो गया है. NTA ने एग्जाम रद्द होने के बीच धांधली होने की संभावनाओं की बात की है. बता दें ऐसा फैसला तब लिया गया जब गैस पेपर से नीट प्रश्पत्रों में भारी समानता देखने को मिली है. एग्जाम रद्द होने के बाद 22 लाख से अधिक परिवारों में चिंता की लहर दौड़ गई है. वहीं अब इस मामले में अब दिग्विजय सिंह पैनल की चर्चा तेज हो गई है.

National Testing Agency: क्या है दिग्विजय सिंह पैनल

Digvijay Singh Panel on NTA
Digvijay Singh Panel on NTA

दिग्विजय सिंह पैनल (समिति) का तात्पर्य कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली एक संसदीय या सांगठनात्मक समिति से है, जो मुख्य रूप से NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) में सुधार, परीक्षा सुरक्षा, और यूजीसी (UGC) नियमों की समीक्षा से संबंधित थी. 2026 में NEET UG रद्द होने के बाद इस पैनल की पुरानी सिफारिशें और चेतावनियां चर्चा में हैं.

बता दें इस पैनल की अध्यक्षता दिग्विजय सिंह ने की थी. इसमें NTA के कामकाज को लेकर गंभीर चिंताएं जताई थीं और लीक जैसे संकट को रोकने के लिए बड़े सुधारों की सिफारिश की थी.

इस समिति ने NEET, JEE, CUET, DCIR-NET, UGC-NET जैसी प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े विवादों की समीक्षा की थी. जिसमें कुछ सिफारिशें भी दी गई थीं. अब जैसी ही NEET में धांधली की बात सामने आई है वैसे ही इस पैनल की चर्चा तेज हो गई है.

NEET UG 2026: जानिए क्या थी इस पैनल की सिफारिशें

Digvijay Singh Panel on NTA
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इस पैनल में निजी विक्रेताओं पर निर्भरता कम करना और परीक्षाओं पर सीधे संस्थागत कंट्रोल को मजबूत करना शामिल था. पैनल का सुझाव था कि परीक्षा की व्यवस्था व कागजी कार्रवाइयों आउटसोर्स करने से सुरक्षा में खामियां पैदा हो सकती हैं.

दूसरा, सुरक्षा को लेकर इन्वेस्टमेंट करना. इस पैनल ने सवाल उठाया कि एनटीए एग्जाम से करोड़ों रुपए का फंड इकठ्ठा किया जाता है मगर आंतरिक सुरक्षा उपायों पर जोरदार तरीके से खर्च नहीं किया जाता.

समिति ने सुझाव दिया कि अगर कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम होते हैं, तो वे सिर्फ सरकारी या सर्कार द्वरा नियंत्रित केन्द्रों में ही होने चाहिए न कि निजी केन्द्रों में.

CBSE और UPSC द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सिस्टम को समझने की गुजारिश.

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।