तमिलनाडु नशीली दवाओं की तस्करी और अवैध शराब के धंधे का बड़ा केंद्र बन गया है: पलानीस्वामी

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चेन्नई, 16 मार्च (आईएएनएस)। एआईएडीएमके महासचिव और विपक्ष के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने तमिलनाडु की डीएमके सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने लोगों से कल 17 मार्च को राज्य भर में होने वाले विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। ये प्रदर्शन एआईएडीएमके और उसके एनडीए सहयोगी दलों द्वारा राजस्व जिला मुख्यालयों पर आयोजित किए जा रहे हैं। ईपीएस ने कहा कि यह प्रदर्शन डीएमके के कुशासन के खिलाफ है, जिसमें कानून-व्यवस्था का पूर्ण पतन, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, नशीली दवाओं का खतरा और लोगों पर बढ़ता कर का बोझ शामिल…

चेन्नई, 16 मार्च (आईएएनएस)। एआईएडीएमके महासचिव और विपक्ष के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने तमिलनाडु की डीएमके सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने लोगों से कल 17 मार्च को राज्य भर में होने वाले विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।

ये प्रदर्शन एआईएडीएमके और उसके एनडीए सहयोगी दलों द्वारा राजस्व जिला मुख्यालयों पर आयोजित किए जा रहे हैं। ईपीएस ने कहा कि यह प्रदर्शन डीएमके के कुशासन के खिलाफ है, जिसमें कानून-व्यवस्था का पूर्ण पतन, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, नशीली दवाओं का खतरा और लोगों पर बढ़ता कर का बोझ शामिल है।

ईपीएस ने आरोप लगाया कि 2021 में डीएमके के सत्ता में आने के बाद तमिलनाडु नशीली दवाओं की तस्करी और अवैध शराब के धंधे का बड़ा केंद्र बन गया है। गांजा और अन्य नशीले पदार्थ अब कस्बों और गांवों में खुलेआम बिक रहे हैं। कॉलेज के छात्रों, स्कूली बच्चों और छोटे बच्चों तक ड्रग्स की लत का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने चेन्नई के एक बड़े मॉल में हुई ड्रग पार्टी की घटना का जिक्र किया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी। ईपीएस ने कहा कि अगर चेन्नई के बीचोंबीच ऐसी पार्टियां हो सकती हैं, तो यह पुलिस और खुफिया तंत्र की नाकामी है। उन्होंने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर इस मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। ईपीएस ने दावा किया कि सत्ताधारी पार्टी के कुछ लोगों ने ड्रग नेटवर्क को बढ़ावा दिया है। उन्होंने जाफर सादिक मामले का हवाला दिया, जिसमें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मुख्यमंत्री के राजनीतिक दायरे से जुड़े लिंक का जिक्र किया था।

महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर ईपीएस ने कहा कि स्थिति बहुत खतरनाक हो गई है। उन्होंने अन्ना विश्वविद्यालय कैंपस में छात्रा से छेड़छाड़ की घटना का जिक्र किया। चेन्नई के अन्ना नगर में एक दस साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के बाद उसके माता-पिता पर पुलिस द्वारा हमले का मामला भी उठाया, जिसकी मद्रास हाई कोर्ट ने कड़ी निंदा की थी। ईपीएस ने ईस्ट कोस्ट रोड पर सत्ताधारी पार्टी के पदाधिकारियों से जुड़ी गाड़ियों द्वारा महिलाओं का पीछा करने की घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने एक महिला के राजभवन में जाकर लगाए गए आरोप का हवाला दिया, जिसमें डीएमके के एक पदाधिकारी पर महिलाओं के साथ गलत व्यवहार का आरोप था।

–आईएएनएस

एमएस/

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