FSSAI on Eggoz Controversy: सोशल मीडिया पर हाल के दिनों में एक विशेष ब्रांड के अंडों को लेकर फैल रही खबरों पर सरकार ने सतर्क रुख अपनाया है। इन दावों में कहा गया है कि संबंधित ब्रांड के अंडों में “जीनोटॉक्सिक पदार्थ” पाए गए हैं, जिनसे कैंसर का खतरा हो सकता है। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडूराव ने स्पष्ट किया है कि सरकार बिना तथ्यों की पुष्टि किए कोई भी कदम नहीं उठाएगी और फिलहाल आम जनता को घबराने या अंडों का सेवन बंद करने की आवश्यकता नहीं है।
Eggoz Eggs Cance: स्वास्थ्य मंत्री ने रविवार को दिया बड़ा बयान
स्वास्थ्य मंत्री ने रविवार को कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही जानकारियों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है, लेकिन अफवाहों और अप्रमाणित रिपोर्टों के आधार पर निर्णय लेना न तो वैज्ञानिक है और न ही जनहित में। मंत्री ने यह भी कहा कि लोगों को संयम बनाए रखना चाहिए और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।
Eggoz Eggs News: सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि एक विशेष ब्रांड के अंडों के एक बैच की लैब जांच में नाइट्रोफ्यूरान और नाइट्रोइमिडाजोल जैसे रसायन पाए गए हैं। इन पदार्थों को कथित तौर पर पोल्ट्री फार्मिंग में प्रतिबंधित बताया जा रहा है, क्योंकि ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। हालांकि, सरकार ने इन दावों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया है और कहा है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह जांच किसने कराई, किस प्रयोगशाला में की गई और क्या यह पूरी तरह वैज्ञानिक मानकों के अनुसार हुई है या नहीं।
FSSAI on Eggoz Controversy: जांच पर उठे कई सवाल
दिनेश गुंडूराव ने कहा, “सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि जांच किस संस्था ने की, किस संदर्भ में की गई और क्या उसकी प्रक्रिया वैज्ञानिक रूप से मान्य थी। इन सभी पहलुओं की जांच किए बिना किसी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी।” उन्होंने यह भी बताया कि वे इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि आयुक्त से बातचीत करेंगे और पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि सोशल मीडिया पर किए गए दावों में सच्चाई है और वास्तव में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ है, तो सरकार बिना किसी हिचकिचाहट के सख्त और उचित कार्रवाई करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि उपभोक्ताओं की सेहत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
FSSAI News: FSSAI ने अंडों के सैंपल पर क्या कहा?

अंत में, स्वास्थ्य मंत्री ने आम जनता से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों से प्रभावित न हों। जब तक सरकार या संबंधित प्राधिकरण की ओर से कोई आधिकारिक बयान या निर्देश जारी नहीं किया जाता, तब तक डर या भ्रम की स्थिति में आने की जरूरत नहीं है। सरकार तथ्यों की गहन जांच के बाद ही कोई ठोस कदम उठाएगी। वहीं एगोज़ विवाद पर FSSAI ने रीजनल ऑफिसों से ब्रांडेड और बिना ब्रांड वाले अंडों के सैंपल इकट्ठा करने को कहा है, ताकि देश भर की 10 लैब में टेस्टिंग के लिए सैंपल भेजे जा सकें और नाइट्रोफ्यूरान्स की मौजूदगी का पता लगाया जा सके.


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