राष्ट्रपति मुर्मू से लेकर PM मोदी तक, देशभर के राजनेताओं ने इस अंदाज में बापू-शास्त्री को दी श्रद्धांजलि

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Gandhi Jayanti 2025: आज 2 अक्टूबर गांधी और शास्त्री जयंती है। इस ख़ास अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को महात्मा गांधी की जयंती पर राजघाट पर और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विजय घाट पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजघाट पर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के माध्यम से गांधीजी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साहस, सेवा और करुणा के मूल्यों को याद किया। मोदी ने कहा कि देश “विकसित भारत” के निर्माण के अपने प्रयास…

Gandhi Jayanti 2025: आज 2 अक्टूबर गांधी और शास्त्री जयंती है। इस ख़ास अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को महात्मा गांधी की जयंती पर राजघाट पर और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विजय घाट पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजघाट पर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के माध्यम से गांधीजी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साहस, सेवा और करुणा के मूल्यों को याद किया। मोदी ने कहा कि देश “विकसित भारत” के निर्माण के अपने प्रयास में महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चलता रहेगा।

PM Modi: पीएम मोदी ने एक्स पर ट्वीट कर क्या लिखा?

Gandhi Jayanti 2025
Gandhi Jayanti 2025

पीएम मोदी ने गांधी-शास्त्री जयंती पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट कर लिखा, “गांधी जयंती, प्रिय बापू के असाधारण जीवन को श्रद्धांजलि देने का दिन है, जिनके आदर्शों ने मानव इतिहास की दिशा बदल दी। उन्होंने दिखाया कि कैसे साहस और सादगी महान परिवर्तन के साधन बन सकते हैं। वे सेवा और करुणा की शक्ति को लोगों को सशक्त बनाने के अनिवार्य साधन मानते थे। हम एक विकसित भारत के निर्माण के अपने अभियान में उनके बताए मार्ग पर चलते रहेंगे।”

उन्होंने शास्त्री जयंती पर आगे लिखा

पीएम मोदी ने शास्त्री जयंती पर आगे लिखा, “श्री लाल बहादुर शास्त्री जी एक असाधारण राजनेता थे जिनकी ईमानदारी, विनम्रता और दृढ़ संकल्प ने चुनौतीपूर्ण समय में भी भारत को सशक्त बनाया। वे अनुकरणीय नेतृत्व, शक्ति और निर्णायक कार्रवाई के प्रतीक थे। ‘जय जवान जय किसान’ के उनके आह्वान ने हमारे लोगों में देशभक्ति की भावना जगाई। वे हमें एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करते रहते हैं।”

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी
राहुल गांधी

CM Yogi: सीएम योगी ने एक्स पर क्या लिखा?

सीएम योगी

‘राष्ट्रपिता’ महात्मा गांधी जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री जी का त्यागमय जीवन लोकतंत्र की पाठशाला है। मानवता से दीप्त उनके विचार हम सभी के लिए पाथेय हैं। दोनों महापुरुषों की पावन जयंती के अवसर पर आज गोरखनाथ मंदिर परिसर में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

अखिलेश यादव ने क्या कहा?

सीएम रेखा ने क्या कहा?

सीएम नीतिश ने दी श्रद्धांजलि

सीएम मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि

Nathuram Godse: गोडसे ने ली बापू की जान

नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी, 1948 को महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी और 15 नवंबर, 1949 को उन्हें फांसी दे दी गई थी। गोडसे गांधी के विचारों का कट्टर विरोधी था और उसे देश के विभाजन का ज़िम्मेदार माना जाता है। इस घटना के 75 साल बाद भी गांधी-गोडसे की गुत्थी जारी है, और उमा भारती ने हाल ही में कहा कि गोडसे ने जो पाप किया वह “आतंकवाद” शब्द से भी बड़ा था।

Mahatma Gandhi: बापू के जीवन के कुछ अनसुनी बातें

बता दें कि स्वच्छता, सादगी, आत्मनिर्भरता और देशभक्ति गांधी जी के जीवन के प्रमुख संदेश थे। गांधीजी के विचारों ने न केवल भारत में, बल्कि पूरे विश्व में लोगों को प्रेरित किया। दूसरी तरफ शास्त्री जी की बात करें तो वो सादगी, त्याग और दृढ़ संकल्प की मिसाल कायम करने वाले एक प्रेरणादायक हैं। उन्होंने भारत की आज़ादी में अहम भूमिका निभाई थी। इसे गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है और इसे अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी जाना जाता है। गांधीजी ने अपना जीवन भेदभाव मिटाने और देश को आज़ाद कराने के लिए समर्पित कर दिया।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।