गांधीनगर, 21 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात के तट पर रहने वाले मछुआरों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए, मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और मछली पालन मंत्री जीतूभाई वघानी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भारत सरकार को एक ज्ञापन देकर मछली पकड़ने वाली नावों के डीजल के दाम में बढ़ोतरी का अहम समाधान निकाला है।
गुजरात सरकार फिशरीज कन्फेडरेशन (जीएफसीसीए) ने मछुआरों को डीजल कम कीमत पर मिले, यह पक्का करने के लिए भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) के साथ एक टेंडर प्रोसेस किया था। लेकिन, हाल ही में भारत पेट्रोलियम ने मछुआरों के लिए डीजल की कीमत में 22.43 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की।
इस गंभीर मामले को ध्यान में रखते हुए, मंत्रियों, एमएलए, स्थानीय नेताओं और अलग-अलग फिशरीज संगठनों ने राज्य के फिशरीज मंत्री को एक रिप्रेजेंटेशन दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, फिशरीज मंत्री जीतूभाई वघानी ने मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, इस संबंध में दखल देने के लिए केंद्र सरकार को एक रिप्रेजेंटेशन दिया।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि जैसे स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन को कीमत बढ़ाने से छूट दी गई है, वैसे ही फिशरीज सेक्टर को भी ‘स्पेशल एक्सेप्शन’ मानकर राहत दी जानी चाहिए। मंत्री ने आग्रह किया कि मछुआरों को ‘कंज्यूमर सेगमेंट’ के बजाय रिटेल कस्टमर के बराबर माना जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी के मार्गदर्शन में, केंद्र सरकार ने गुजरात के मछुआरों की इस सही रिप्रेजेंटेशन को मान लिया है। इसलिए, केंद्र सरकार ने भारत पेट्रोलियम को मछुआरों की नावों में इस्तेमाल होने वाले डीजल के दाम में 22.43 रुपए की बढ़ोतरी वापस लेने के साफ निर्देश दिए हैं, जिससे राज्य के मछुआरों को अब पहले से तय रियायती दर पर डीजल मिलेगा।
मत्स्य पालन मंत्री जीतूभाई वघानी ने इस सफल प्रतिनिधित्व और जल्दी फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का दिल से शुक्रिया अदा किया है और कहा, “राज्य सरकार मछुआरों की भलाई के लिए हमेशा कमिटेड है और आगे भी रहेगी।
–आईएएनएस
एमएस/
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