रवीन्द्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती: ओम बिरला, अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली, 9 मई (आईएएएनएस)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्होंने श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि गुरुदेव ने गुलामी के दौर में साहित्य, संगीत और दर्शन के माध्यम से स्वतंत्रता की चेतना को नई गति दी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन। गुरुदेव भारतीय आत्मा के स्वर थे। एक ऐसे महापुरुष, जिनकी दृष्टि में मानवता, प्रकृति और ज्ञान का अद्वितीय संगम था। उनका जीवन बहुआयामी प्रतिभा का अनुपम उदाहरण है। वे…

नई दिल्ली, 9 मई (आईएएएनएस)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्होंने श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि गुरुदेव ने गुलामी के दौर में साहित्य, संगीत और दर्शन के माध्यम से स्वतंत्रता की चेतना को नई गति दी।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन। गुरुदेव भारतीय आत्मा के स्वर थे। एक ऐसे महापुरुष, जिनकी दृष्टि में मानवता, प्रकृति और ज्ञान का अद्वितीय संगम था। उनका जीवन बहुआयामी प्रतिभा का अनुपम उदाहरण है। वे कवि थे तो भावनाओं के शिल्पकार, उपन्यासकार थे तो समाज के सूक्ष्म पर्यवेक्षक, गीतकार थे तो राष्ट्र की चेतना के गायक और चित्रकार थे तो कल्पना के सृजनकर्ता।”

उन्होंने आगे लिखा कि गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर ‘विश्व-मानव’ की भावना के प्रवक्ता थे। उनका दर्शन सीमाओं से परे था। एक दूरदर्शी शिक्षाविद के रूप में उन्होंने शिक्षा को बंधनों से मुक्त कर उसे स्वतंत्र विचार, संवेदनशीलता और सृजनशीलता का माध्यम बनाया। उन्होंने ज्ञान को समाज के उत्थान का साधन बनाया और अपनी सृजनशीलता को मानवता के कल्याण के लिए समर्पित किया। उनकी रचनाएँ आज भी हमें राष्ट्र, समाज और सम्पूर्ण मानवता के लिए बेहतर करने की प्रेरणा देती हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कविगुरु गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। गुरुदेव ने गुलामी के दौर में साहित्य, संगीत और दर्शन के माध्यम से स्वतंत्रता की चेतना को नई गति दी। वे महान कवि और भारतीय आत्मा के सशक्त स्वर थे। उनके शब्दों में गहरी संवेदना, विचारों में स्वतंत्रता और सृजन में विश्वबंधुत्व की भावना थी।”

उन्होंने आगे लिखा कि उनकी कालजयी कृति ‘गीतांजलि’ ने मानवता, आध्यात्मिकता और संवेदनशीलता को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने ‘जन गण मन’ के माध्यम से राष्ट्र की एकता, गरिमा और आत्मसम्मान को स्वर दिया। कविगुरु का जीवन हमें स्वतंत्र चिंतन, मानवीय मूल्यों और सांस्कृतिक समन्वय की प्रेरणा देता है। उनके आदर्श, विचार और साहित्यिक विरासत सदैव हमें मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करते रहेंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, “गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती पर, मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भारत के राष्ट्रगान के रचयिता, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को अत्यंत सुदृढ़ किया। उन्होंने भारत के महान सभ्यतागत और सांस्कृतिक मूल्यों से विश्व को एक अद्वितीय प्रतिभा के साथ परिचित कराया।”

राजनाथ सिंह ने आगे लिखा कि उन्होंने मानवता को शांति, सद्भाव और मानवीय एकता का एक शाश्वत और सार्वभौमिक संदेश दिया। एक महान साहित्यकार, गहन विचारक और संगीत के जादूगर होने के साथ-साथ, वे एक महान संस्था-निर्माता भी थे। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का जीवन, दर्शन और मूल्य आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।

भाजपा नेता सुवेंद्र अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “विश्व कवि, नोबेल पुरस्कार विजेता और विश्व-विख्यात कवि-ऋषि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर, मैं उन्हें अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उनकी अमर रचनाओं, मानवतावादी दर्शन और देशभक्ति ने युगों-युगों तक हमारा मार्गदर्शन किया है। बंगाली साहित्य और संस्कृति के आकाश में, वे सदैव एक शाश्वत तारे की भांति चमकते रहेंगे। इस महान संदेश से प्रेरित होकर कि “जहाँ मन भय-मुक्त हो और मस्तक गर्व से ऊँचा हो”, मानव सभ्यता निरंतर आगे बढ़ती रहे। इस कवि-ऋषि की जयंती पर, मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”

बता दें कि रवींद्रनाथ टैगोर जयंती 9 मई, 2026 को मनाई जाएगी, जो इस महान कवि, दार्शनिक और नोबेल पुरस्कार विजेता (जन्म 7 मई, 1861) की 165वीं जयंती का प्रतीक है। पश्चिम बंगाल में इस दिन को ‘पच्चीशे बोइशाख’ (बंगाली महीने बोइशाख का 25वां दिन) के नाम से जाना जाता है; 2026 में यह तारीख 9 मई को पड़ रही है।

–आईएएनएस

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