Himachal Heavy Rain: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। कुल्लू, शिमला समेत कई जगहों पर अत्यधिक बारिश हो रही है। बता दें, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा 11 जुलाई को लाहौल-स्पीति के केलांग में प्रस्तावित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के उच्च हिमालयी चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र के शिलान्यास समारोह में शामिल होने वाले थे। लेकिन मौसम संबंधी चेतावनियों के कारण उन्होंने अपना यह दौरा स्थगित कर दिया है।

लोगों से घरों में रहने की अपील
कुल्लू में भारी बारिश ने शहर की सीवरेज और जल निकासी व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है। सड़कों पर पानी भर गया है और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो गया है। निवासियों ने पिछले साल जैसी भूस्खलन के बाद पैदा हुई खतरनाक स्थिति की आशंका व्यक्त की है। वहीं, लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगहों पर दरारें देखने को मिली हैं। लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है। प्रशासन की तरफ से तिरपाल मंगवाकर लगाया जा रहा है। और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा हैं।

Himachal Heavy Rain: ब्यास नदी उफान पर
भारी बारिण के कारण ब्यास नदी में जलस्तर बढ़ने से पर्यटन विभाग ने रिवर राफ्टिंग जैसी गतिविधियों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। कुल्लू के जिला पर्यटन विकास अधिकारी रोहित शर्मा ने कहा, ”ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है, क्योंकि नदियों और नालों का जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है, जिससे ब्यास नदी का जलस्तर और बढ़ जाएगा।” साथ ही कई जगहों पर कीचड़ और पत्थर गिरने की घटना भी सामने आ रही है। जिससे और अधिक खतरा पैदा हो गया हैं। प्रशासन की तरफ से लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही हैं।

Himachal Heavy Rain: कई राजमार्ग बंद, पुलों को हुआ भारी नुकसान
भारी बारिश के कारण पत्थर गिरने जैसी घटनाएं सामने आईं हैं। जिसके कारण राजमार्ग की एक लेन को बंद करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, राजमार्ग पर वाकनाघाट और कंडाघाट के बीच तथा धरमपुर और चक्की मोड़ के बीच चट्टानें गिरने की घटनाएं हुईं। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने यातायात को एक लेन तक सीमित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि किन्नौर जिले के सांगला के निकट मुख्य बेली पुल पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पुल को और नुकसान पहुंचा, तो सांगला घाटी का क्षेत्र के बाकी हिस्सों से संपर्क कट सकता है।


Download Android App
Download iOS App




