तिरुवनंतपुरम, 14 अगस्त (आईएएनएस)। केरल सचिवालय के सामने उत्तर प्राथमिक विद्यालय शिक्षक (यूपीएसटी) रैंक होल्डर्स एसोसिएशन का 17 दिनों से चल रहा धरना शुक्रवार को खत्म हो गया। यह फैसला तब लिया गया जब सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शम्सुद्दीन ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी प्रमुख मांगों पर विचार किया जाएगा और जहां संभव होगा, वहां उनके पक्ष में सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।
यह फैसला मंत्री और रैंक होल्डर्स के प्रतिनिधियों के बीच हुई एक अहम बैठक के बाद लिया गया।
प्रदर्शनकारी पीएससी की उस प्रक्रिया को खत्म करने की मांग कर रहे थे, जिसके तहत मौजूदा खाली पदों की सही जानकारी दिए बिना नए नोटिफिकेशन जारी किए जाते थे। उनका तर्क था कि इससे रैंक लिस्ट में पहले से शामिल उम्मीदवारों के चुने जाने की संभावना कम हो रही थी।
मंत्री ने एसोसिएशन को भरोसा दिलाया कि खाली पदों की जानकारी दिए बिना नोटिफिकेशन जारी करने की प्रक्रिया को रोकने की उनकी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
उन्होंने मौजूदा रैंक लिस्ट की वैधता बढ़ाने की मांग पर भी विचार करने का वादा किया, ताकि लिस्ट की समय-सीमा खत्म होने से पहले और अधिक उम्मीदवारों को नौकरी मिल सके।
एक और अहम मांग पीएससी उम्मीदवारों को एचटीवी पदों पर नियुक्त करने से जुड़ी थी। सरकार ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि इस मुद्दे और सरकारी स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात (जहां शिक्षण पद खत्म किए जा रहे हैं) से जुड़ी उनकी मांग पर विस्तृत जांच की जरूरत है। सरकार ने इन मामलों पर विचार करने के लिए 45 दिन का समय मांगा।
बातचीत के दौरान मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों और फिशरीज स्कूलों में अपर-प्राइमरी स्तर पर खाली पदों का मुद्दा भी सामने आया। रैंक होल्डर्स के प्रतिनिधियों ने मंत्री को बताया कि ये संस्थान बिना पर्याप्त अपर-प्राइमरी स्तर के शिक्षकों के काम कर रहे थे।
शमसुद्दीन ने इस मुद्दे पर ध्यान देते हुए सामान्य शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया कि वे संबंधित जिलों की मौजूदा अपर प्राइमरी स्कूल रैंक लिस्ट से खाली पदों को भरने की संभावना की जांच करें और उचित कार्रवाई शुरू करें।
मंत्री ने प्रदर्शनकारियों को यह भी भरोसा दिलाया कि आंदोलन के दौरान उठाई गई मांगों की आने वाले समय में जांच की जाएगी और जो मांगें व्यावहारिक पाई जाएंगी, उन्हें बिना देरी के लागू किया जाएगा।
रैंक होल्डर्स ने यह आश्वासन स्वीकार कर लिया और इसके बाद अपना आंदोलन वापस लेने का फैसला किया। इस आंदोलन ने सबका ध्यान खींचा था क्योंकि प्रदर्शनकारी मौजूदा खाली पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे थे, जबकि पीएससी पदों के लिए नए नोटिफिकेशन जारी कर रहा था।
इस समझौते से सरकार को विवादित मुद्दों की जांच करने के लिए 45 दिन का समय मिल गया है, साथ ही रैंक होल्डर्स को अपनी लिस्ट की समय-सीमा खत्म होने से पहले नियुक्ति की नई उम्मीद भी मिली है।
–आईएएनएस
एएसएच/वीसी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



