ईवी की हिस्सेदारी 2030 तक 20 प्रतिशत पहुंचने से एक लाख करोड़ रुपए कम हो सकता है आयात बिल: एसबीआई रिसर्च

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नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया संकट के चलते भारतीयों का इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की तरफ रुझान बढ़ा है और 2030 तक ईवी की बाजार हिस्सेदारी 20 प्रतिशत पहुंचने से आयात बिल में एक लाख करोड़ रुपए की कमी आ सकती है। यह जानकारी एसबीआई रिसर्च की ओर से गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। मौजूदा समय में भारतीय बाजार में ईवी की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत है। अमेरिका-ईरान युद्ध 28 फरवरी को शुरू होने के बाद भारत में ईवी के पंजीकरण में जोरदार तेजी देखने को मिली। मार्च-जून की अवधि में देश में औसत 2.3 लाख ईवी…

नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया संकट के चलते भारतीयों का इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की तरफ रुझान बढ़ा है और 2030 तक ईवी की बाजार हिस्सेदारी 20 प्रतिशत पहुंचने से आयात बिल में एक लाख करोड़ रुपए की कमी आ सकती है। यह जानकारी एसबीआई रिसर्च की ओर से गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

मौजूदा समय में भारतीय बाजार में ईवी की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत है।

अमेरिका-ईरान युद्ध 28 फरवरी को शुरू होने के बाद भारत में ईवी के पंजीकरण में जोरदार तेजी देखने को मिली। मार्च-जून की अवधि में देश में औसत 2.3 लाख ईवी प्रति माह पंजीकृत हुए हैं, यह आंकड़ा 2025 में औसत 1.3 लाख प्रति माह था।

रिपोर्ट में कहा गया, “मौजूदा रफ्तार को देखते हुए, हमें लगता है कि 2026 में कुल ईवी पंजीकरण 25 लाख का आंकड़ा पार कर सकते हैं।”

कुल पंजीकरण में पूर्ण ईवी की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। 2024 में पूर्ण ईवी की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत से भी कम थी, जो 2026 में अब तक बढ़कर 8 प्रतिशत से अधिक हो गई है। कुछ राज्यों में पूर्ण ईवी की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से भी अधिक हो गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 29,151 चार्जिंग स्टेशन हैं। कुल चार्जिंग स्टेशनों में से 35 प्रतिशत सिर्फ दो राज्यों (कर्नाटक और महाराष्ट्र) में हैं।

नई ईवी पॉलिसी के तहत, दिल्ली सरकार अगले चार सालों में 32,000 चार्जिंग पॉइंट का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की योजना बना रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है, “ईवी की सफलता काफी हद तक चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।”

भारत में 2025 तक 2.86 करोड़ गाड़ियां रजिस्टर्ड थीं और यह आंकड़ा 2030 तक 4 करोड़ गाड़ियों तक पहुंचने का अनुमान है। इन गाड़ियों में से 20 प्रतिशत ईवी होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी की तारीफ की गई, जिससे तहत पहले तीन सालों में दो-पहिया गाड़ियों के लिए खरीद पर इंसेंटिव (कुल मिलाकर 60,000 रुपए) दिया जाएगा। तीन-पहिया गाड़ियों के लिए, कुल इंसेंटिव 1,20,000 रुपए है। एन1 कमर्शियल ट्रकों को पहले साल में 1 लाख रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। दिल्ली में ईवी के लिए रोड टैक्स और एक बार की रजिस्ट्रेशन फीस पर 100 प्रतिशत छूट दी गई है।

–आईएएनएस

एबीएस

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