गांधीनगर, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात के भरूच जिले में एक फैक्ट्री स्थल पर हुई कहासुनी के बाद आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा पर लगे आरोप और गंभीर हो गए हैं। भाजपा सांसद धवल पटेल ने आरोप लगाया कि विधायक ने एक आदिवासी पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की।
धवल पटेल ने आरोप लगाया कि विधायक चैतार वसावा के खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं और वह इस समय शर्तों के साथ जमानत पर बाहर हैं।
धवल पटेल ने कहा, ”उन्होंने अदालत की शर्तों का उल्लंघन किया है और हम उन्हें फिर से जेल भेजने की पूरी कोशिश करेंगे।”
यह पूरा मामला 23 अप्रैल को गुजरात के झगड़िया जीआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में एक केमिकल फैक्ट्री में लगी आग के बाद शुरू हुआ था, जिसमें 16 मजदूर घायल हुए थे। बाद में इलाज के दौरान दो मजदूरों की मौत हो गई, जिनमें राकेश वसावा भी शामिल थे।
घटना के एक दिन बाद, राकेश वसावा के चचेरे भाई रोशन वसावा मुआवजे को लेकर चर्चा करने के लिए फैक्ट्री पहुंचे थे।
इसी दौरान चैतार वसावा अपने समर्थकों और कुछ अन्य घायल मजदूरों के परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे और अधिक मुआवजे की मांग करने लगे।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में फैक्ट्री गेट के पास विधायक और रोशन वसावा के बीच बहस होती दिख रही है, जो बाद में हाथापाई में बदल जाती है। इस दौरान पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन झगड़े को रोकने के लिए अन्य लोग बीच-बचाव करते नजर आए।
रोशन वसावा ने आरोप लगाया कि विधायक ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, ”चैतार वसावा यहां लोगों को भड़काने आए थे। वे हमारी मदद के लिए नहीं, बल्कि पैसे निकालने आए थे। मैं किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा नहीं हूं। मैं सिर्फ अपने परिवार के लिए यहां आया था।”
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने उन्हें किसी तरह का दबाव नहीं डाला और न ही उन्होंने किसी के कहने पर प्रतिक्रिया दी।
रोशन वसावा ने चेतावनी दी कि अगर कानून-व्यवस्था बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी विधायक की होगी।
वहीं, विधायक चैतार वसावा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे पीड़ित परिवारों के बुलाने पर न्याय दिलाने के लिए वहां गए थे।
उन्होंने कहा कि फैक्ट्री में लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें 16 मजदूर घायल हुए और दो की मौत हो गई। कई मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिनमें कुछ 80 प्रतिशत तक जल चुके हैं।
विधायक ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन पीड़ित परिवारों से बात नहीं कर रहा था।
उन्होंने यह भी कहा कि वहां मौजूद कुछ बाहरी लोगों के कारण विवाद हुआ। कुछ ऐसे लोग भी वहां लाए गए जिनका पीड़ित परिवारों से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने बहस शुरू कर दी और फिर पुलिस की मौजूदगी में मुझसे झगड़ा किया।
उन्होंने बताया कि कंपनी ने मृतकों के परिवारों को 15 लाख रुपए मुआवजे की पेशकश की है, लेकिन घायल मजदूरों के लिए कोई सहायता नहीं दी गई है।
दूसरी ओर, धवल पटेल ने कहा कि सरकार और पुलिस पहले से ही मामले में कार्रवाई कर रही हैं और मुआवजे को लेकर बातचीत चल रही थी, तभी विधायक ने हस्तक्षेप किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ने कहा कि मध्यस्थता केवल उन्हीं के जरिए होनी चाहिए।
–आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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