हस्ताक्षर बेमेल मामले में अभिषेक बनर्जी कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचे, सीआईडी के समन को दी चुनौती

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कोलकाता, 3 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट की एक-सदस्यीय अवकाश पीठ का रुख किया। उन्होंने हस्ताक्षर बेमेल मामले में पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा जारी समन को चुनौती दी है। पार्टी के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगति का आरोप है। ये हस्ताक्षर एक प्रस्ताव पर किए गए थे, जिसमें विधानसभा की चार महत्वपूर्ण सीटों के लिए पार्टी के विधायकों को नामित किया गया था। ये सीटें सदन में विपक्ष के लिए आरक्षित हैं। न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा रॉय की…

कोलकाता, 3 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट की एक-सदस्यीय अवकाश पीठ का रुख किया। उन्होंने हस्ताक्षर बेमेल मामले में पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा जारी समन को चुनौती दी है।

पार्टी के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगति का आरोप है। ये हस्ताक्षर एक प्रस्ताव पर किए गए थे, जिसमें विधानसभा की चार महत्वपूर्ण सीटों के लिए पार्टी के विधायकों को नामित किया गया था। ये सीटें सदन में विपक्ष के लिए आरक्षित हैं।

न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा रॉय की एकल न्यायाधीश वाली पीठ ने अभिषेक बनर्जी की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने इस मामले में पुलिस की दंडात्मक कार्रवाई (गिरफ्तारी सहित) से सुरक्षा की मांग की है। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी।

शुरुआत में, अभिषेक बनर्जी को 1 जून को सीआईडी कार्यालय में तलब किया गया था, हालांकि उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति का हवाला देते हुए पेश होने के लिए 15 दिन का समय मांगा।

30 मई की दोपहर को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में जनता द्वारा उन पर हमला किया गया था, जिसके कारण उनकी तबीयत खराब हो गई थी।

1 जून की शाम को सीआईडी के अधिकारियों ने उन्हें दूसरा नोटिस जारी किया और 8 जून को सीआईडी कार्यालय में पेश होने को कहा।

8 जून को अभिषेक बनर्जी और उनकी बुआ ममता बनर्जी इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली में मौजूद रहेंगे।

कुछ दिन पहले अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के नए अध्यक्ष रथिंद्र बोस के कार्यालय को एक पत्र भेजा था। इस पत्र में उन्होंने शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष, नयना बंद्योपाध्याय और असीमा पात्रा को विपक्ष का उप-नेता और फिरहाद हकीम को राज्य विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के विधायी दल का मुख्य सचेतक नामित किया था।

अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के हस्ताक्षरों वाला और इन चारों नामों का समर्थन करने वाला प्रस्ताव, अभिषेक बनर्जी के पत्र के साथ ही जमा किया जाना चाहिए। इसके बाद टीएमसी के विधायकों के हस्ताक्षरों वाला एक प्रस्ताव अध्यक्ष के कार्यालय में जमा कर दिया गया।

लेकिन, तब स्थिति में एक नाटकीय मोड़ आ गया, जब तृणमूल कांग्रेस के दो विधायकों, ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा ने अध्यक्ष के कार्यालय को पार्टी के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगतियों के बारे में अवगत कराया।

इसके तुरंत बाद विधानसभा सचिवालय ने इस मामले की जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंप दिया और सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए तलब कर लिया।

–आईएएनएस

एससीएच/वीसी

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