अहमदाबाद, 15 मई (आईएएनएस)। अदाणी ग्रुप की कंपनी अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने शुक्रवार को उपभोक्ताओं से गर्मियों के मौसम में बिजली का सोच-समझकर इस्तेमाल करने की अपील की। कंपनी ने कहा कि कूलिंग उपकरणों के ज्यादा इस्तेमाल से बिजली की खपत बढ़ती है, जिससे उपभोक्ता ऊंचे टैरिफ स्लैब में पहुंच सकते हैं और बिजली बिल बढ़ सकता है।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि तापमान बढ़ने के साथ घरों में एयर कंडीशनर, पंखे, रेफ्रिजरेटर और अन्य कूलिंग उपकरणों का इस्तेमाल काफी बढ़ जाता है, जिससे बिजली की खपत तेजी से बढ़ती है।
कंपनी ने कहा कि यदि उपभोक्ता बिजली का सावधानीपूर्वक उपयोग करें, तो वे न केवल अपने बिजली बिल को कम कर सकते हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं।
अदाणी समूह की कंपनी ने कहा, “भीषण गर्मी के दौरान बिजली की खपत आपके बिल पर बड़ा असर डाल सकती है। हम सभी उपभोक्ताओं को सलाह देते हैं कि वे बिजली का समझदारी से इस्तेमाल करें और ऊर्जा बचाने के उपाय अपनाएं, ताकि उनके बिजली बिल नियंत्रण में रहें।”
कंपनी ने आगे कहा, “छोटे-छोटे बदलाव लंबे समय में बड़ी बचत कर सकते हैं और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा दे सकते हैं।”
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने उपभोक्ताओं को सलाह दी कि एयर कंडीशनर का तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस पर रखें और कूलिंग क्षमता बढ़ाने के लिए सीलिंग फैन का उपयोग करें।
कंपनी ने ऊर्जा दक्ष उपकरणों और प्रोग्रामेबल थर्मोस्टेट के इस्तेमाल की भी सलाह दी, ताकि घर में मौजूद लोगों की संख्या के अनुसार बिजली की खपत नियंत्रित की जा सके।
बिजली प्रदाता कंपनी ने कहा कि सुबह और शाम के ठंडे समय में खिड़कियां खोलकर प्राकृतिक वेंटिलेशन का फायदा उठाया जा सकता है। इससे घर के अंदर हवा का बेहतर प्रवाह बना रहता है।
कंपनी ने उपभोक्ताओं को यह भी सलाह दी कि दिन के सबसे गर्म समय में सीधे सूर्य की रोशनी को रोकने के लिए पर्दों या ब्लाइंड्स का इस्तेमाल करें, ताकि घर के अंदर गर्मी कम रहे।
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने कहा कि अधिक ऊर्जा दक्षता रेटिंग वाले उपकरणों का इस्तेमाल करने से बिजली की खपत कम की जा सकती है। साथ ही, जब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और चार्जर उपयोग में न हों, तो उन्हें प्लग से निकाल देना चाहिए।
कंपनी ने बताया कि कई उपकरण बंद होने के बाद भी बिजली की खपत करते रहते हैं, जिसे आमतौर पर ‘फैंटम’ ऊर्जा खपत कहा जाता है।
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के एक प्रवक्ता ने कहा, “बिजली की खपत का कुशल प्रबंधन घरेलू खर्च और पर्यावरणीय प्रभाव, दोनों को काफी हद तक कम कर सकता है। आदतों और व्यवहार में छोटे बदलाव समय के साथ बड़ी बचत ला सकते हैं और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा दे सकते हैं।”
–आईएएनएस
डीबीपी
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