अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने महाराष्ट्र में 4,700 करोड़ रुपए का ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट जीता

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अहमदाबाद, 26 अगस्त (आईएएनएस)। अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने बुधवार को ऐलान किया कि उसने कर्नाटक में पैदा होने वाली 4,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा को महाराष्ट्र के प्रमुख बिजली खपत केंद्रों तक पहुंचाने के लिए 4,700 करोड़ रुपए का ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट हासिल की है। यह प्रोजेक्ट सतारा, पुणे और मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में तेजी से विकसित हो रहे पंप्ड स्टोरेज सिस्टम को भी सहयोग प्रदान करेगा। कंपनी के बयान के अनुसार, यह प्रोजेक्ट टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के जरिए हासिल किया गया है, जिसमें एईएसएल सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी रही। एईएसएल के सीईओ कंदर्प…

अहमदाबाद, 26 अगस्त (आईएएनएस)। अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने बुधवार को ऐलान किया कि उसने कर्नाटक में पैदा होने वाली 4,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा को महाराष्ट्र के प्रमुख बिजली खपत केंद्रों तक पहुंचाने के लिए 4,700 करोड़ रुपए का ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट हासिल की है।

यह प्रोजेक्ट सतारा, पुणे और मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में तेजी से विकसित हो रहे पंप्ड स्टोरेज सिस्टम को भी सहयोग प्रदान करेगा।

कंपनी के बयान के अनुसार, यह प्रोजेक्ट टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के जरिए हासिल किया गया है, जिसमें एईएसएल सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी रही।

एईएसएल के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा, “पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रही हैं। ये बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रिड में शामिल करने के लिए जरूरी लचीलापन और विश्वसनीयता प्रदान करती हैं।”

उन्होंने कहा कि सतारा ट्रांसमिशन परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी और ऊर्जा भंडारण के विस्तार, दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार करेगी। इससे दक्षिणी और पश्चिमी भारत के बीच बिजली के प्रवाह को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) सतारा पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड के तहत इस प्रोजेक्ट को 36 महीनों के भीतर पूरा किया जाएगा।

कंपनी के अनुसार, प्रोजेक्ट के तहत एईएसएल के पोर्टफोलियो में 562 सर्किट किलोमीटर (सीकेएम) ट्रांसमिशन लाइनें और 9,000 एमवीए ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता जुड़ जाएगी। इसके बाद कंपनी का कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क बढ़कर 29,739 सीकेएम और ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 1,43,425 एमवीए हो जाएगी।

पटेल ने कहा, “एईएसएल भविष्य के लिए तैयार ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को सक्षम बनाए, ग्रिड की स्थिरता बढ़ाए और भारत के दीर्घकालिक डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को समर्थन दे।”

इस परियोजना में सतारा में 765/400 केवी सबस्टेशन की स्थापना, कोल्हापुर-सतारा 765 केवी डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन और संबंधित ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ कोल्हापुर पूलिंग स्टेशन का विस्तार शामिल है।

भारत 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता स्थापित करने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी के तहत एईएसएल ऐसे विशेष ट्रांसमिशन नेटवर्क विकसित कर रही है, जो सौर, पवन और पंप्ड स्टोरेज जैसे नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों वाले क्षेत्रों को देश के प्रमुख औद्योगिक और शहरी बिजली खपत केंद्रों से जोड़ते हैं।

—आईएएनएस

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IANS Agency

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