तिरुवनंतपुरम, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल के आबकारी मंत्री एम. लिजू ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि ग्राहकों को शराब परोसने से पहले उनकी उम्र की जांच करना बार लाइसेंस धारकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य में कानूनी उम्र 23 वर्ष से कम आयु के लोगों को शराब परोसने वाले बार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है।
मंत्री ने राज्य के सभी बार संचालकों को निर्देश दिया कि यदि किसी ग्राहक की उम्र को लेकर संदेह हो तो आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र के माध्यम से उसकी आयु का सत्यापन किया जाए और पुष्टि के बाद ही शराब परोसी जाए।
लिजू ने कहा, “शराब का सेवन करने का अधिकार केवल उन लोगों को है जिन्होंने कानूनी रूप से निर्धारित 23 वर्ष की आयु पूरी कर ली है। जो ग्राहक इस सीमा से कम उम्र के प्रतीत होते हैं, उनकी उम्र की जांच करना पूरी तरह बार संचालकों की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने कहा कि हाल में नेदुम्बास्सेरी में हुई मिनी कूपर कार दुर्घटना ने यह दिखा दिया है कि उम्र संबंधी नियमों का पालन नहीं करने के क्या परिणाम हो सकते हैं।
मंत्री ने बताया कि आबकारी विभाग ने पहले ही उन प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की है, जहां से दुर्घटना मामले के नाबालिग आरोपियों को शराब परोसे जाने की बात सामने आई थी। उन्होंने कहा कि कानून लागू करने में किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
लिजू ने चेतावनी दी कि राज्य में कहीं भी कोई बार 23 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को शराब परोसते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग की ओर से आकस्मिक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) भी जारी रहेगी।
यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब शराब बिक्री केरल सरकार के लिए राजस्व का एक प्रमुख स्रोत बनी हुई है।
केरल राज्य बेवरेजेज कॉरपोरेशन (बेवको) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में निगम के माध्यम से शराब और बीयर की बिक्री 21,130.78 करोड़ रुपए तक पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष के 19,732.82 करोड़ रुपए से अधिक है।
इसी अवधि में कर और अन्य शुल्कों के रूप में राज्य सरकार को निगम का योगदान बढ़कर 18,675.71 करोड़ रुपए हो गया, जबकि 2024-25 में यह 17,221.15 करोड़ रुपए था।
मंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी शराब अर्थव्यवस्था के बीच सरकार चाहती है कि ग्राहकों की उम्र की जांच करना भी बिल बनाने जितनी नियमित प्रक्रिया बन जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि यूडीएफ सरकार की नई आबकारी नीति नवंबर से लागू होगी, जो पिछली एलडीएफ सरकार की नीति से अलग होगी।
लिजू ने बार उद्योग को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि शराब परोसना भले ही व्यवसाय हो, लेकिन ग्राहक की उम्र की जांच करना ऐसी जिम्मेदारी है जिसे किसी और पर नहीं छोड़ा जा सकता।
–आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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