मदुरै, 7 नवंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार को अस्थिर करने के लिए सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के विधायकों को रिश्वत देने की कथित कोशिश के मामले में मदुरै सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) पुलिस ने शनिवार को लगातार दूसरे दिन एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी मेयर पी.एम. मन्नन से पूछताछ की।
एआईएडीएमके के उप प्रचार सचिव मन्नन शुक्रवार को अदालत के निर्देश के बाद मदुरै के विश्वनाथपुरम स्थित सेंट्रल क्राइम ब्रांच कार्यालय में जांच अधिकारियों के सामने पेश हुए थे।
यह जांच टीवीके विधायक मधर बदरुद्दीन उर्फ मुस्तफा की शिकायत के आधार पर की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्षी दल के कुछ पदाधिकारियों ने प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सरकार के खिलाफ मतदान करने के लिए उन्हें आर्थिक प्रलोभन दिया था। मुस्तफा ने बुधवार को मदुरै हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में दावा किया था कि सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर दलबदल कराने और विजय सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है।
इन आरोपों के बाद तमिलनाडु में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। सत्तारूढ़ टीवीके ने विपक्षी दलों पर धनबल के जरिए विधायी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। मुस्तफा की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार सुबह मन्नन को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस उपायुक्त दिव्या की निगरानी में उनसे आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई।
जांचकर्ताओं ने कथित तौर पर मन्नन के मोबाइल फोन पर हुई बातचीत, संचार रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की पड़ताल की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि विधायकों की खरीद-फरोख्त की कथित कोशिश में अन्य राजनीतिक नेता भी शामिल थे या नहीं।
पूछताछ के बाद मन्नन को जिला अदालत में विशेष न्यायाधीश आर. जोसेफ जॉय के समक्ष पेश किया गया। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने उनकी गिरफ्तारी की परिस्थितियों पर सवाल उठाए। खास तौर पर इस बात पर सवाल किया गया कि जब मन्नन को कथित तौर पर 7 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, तो उन्हें 6 नवंबर को ही हिरासत में क्यों लिया गया।
इसके बाद अदालत ने मन्नन को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया और शनिवार को दोबारा जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया। अदालत के आदेश का पालन करते हुए मन्नन शनिवार को फिर सेंट्रल क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे। यहां जांचकर्ताओं ने उनसे आरोपों और मामले से जुड़े लोगों के साथ उनके कथित संपर्कों के संबंध में पूछताछ जारी रखी।
मुख्यमंत्री विजय की सरकार को कमजोर करने की कथित कोशिशों के आरोपों के बीच इस जांच का राजनीतिक महत्व बढ़ गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या विधायकों को आर्थिक प्रलोभन देकर प्रभावित करने की कोई संगठित कोशिश की गई थी।
–आईएएनएस
डीएससी
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