नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद कर्नाटक का एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री जलशक्ति मंत्री से मुलाकात करेगा। इस बात की जानकारी देते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक के सांसदों की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि विभिन्न राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मुलाकात करेगा।
मंगलवार रात नई दिल्ली के कर्नाटक भवन में राज्य के सांसदों के साथ बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने कहा कि यह बैठक राज्य को प्रभावित करने वाले सिंचाई संबंधी मुद्दों और महादयी, कृष्णा, तुंगभद्रा और भद्रा जैसी परियोजनाओं में आ रही छोटी-मोटी परेशानियों को दूर करने के तरीकों पर चर्चा करने के साथ-साथ सिंचाई योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करने और उन्हें आगे बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श करने के लिए बुलाई गई थी।
शिवकुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री और संबंधित मंत्रियों से मिलने के लिए समय निकालना आवश्यक था। सांसदों ने सुझाव दिया कि कुछ राज्यों में चुनाव समाप्त होने के बाद बैठक की तारीख तय की जाए। उन्होंने कहा कि हमने उनके अनुरोध को मान लिया है। इसलिए, हमने बैठक को बाद की तारीख तक के लिए स्थगित कर दिया है।
शिवकुमार ने बताया कि कुछ राज्यों में चुनाव की घोषणा हो चुकी है और अभी लिए गए फैसले उन पर असर डाल सकते हैं। इसी कारण से सांसदों ने हमें दूसरी तारीख तय करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सांसदों ने यह राय व्यक्त की कि राज्य के हित में सभी को मिलकर काम करना चाहिए। हमने पहले भी साथ मिलकर काम किया है और आगे भी करते रहेंगे। हमारा इरादा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का भी है। हमारी इच्छा है कि सभी एकजुट होकर राज्य के कल्याण के लिए सामूहिक रूप से काम करें।
उन्होंने बताया कि ऊपरी कृष्णा परियोजना (यूकेपी-3) के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सरकार ने आपसी सहमति से मुआवजे की राशि तय करके 1.33 लाख एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि बजट में पर्याप्त धनराशि आवंटित की गई है और देश के इतिहास में इतना बड़ा निर्णय पहले कभी नहीं लिया गया। कावेरी मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार आगे बढ़ेगी।
शिवकुमार ने बताया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से हुई चर्चा के बाद बैठक का आयोजन किया गया था और इसमें 24 सांसदों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद जगदीश शेट्टार और बसवराज बोम्मई, पूर्व उपमुख्यमंत्री गोविंद कारजोल और भाजपा सांसद विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी सहित कई नेताओं ने चर्चा में भाग लिया और सरकार के सामने विभिन्न मुद्दे उठाए।
डी.के. शिवकुमार ने बैठक के लिए सभी सांसदों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सांसदों को भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए विकास और वर्तमान सरकार द्वारा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के बारे में भी जानकारी दी गई। हमने कुछ दस्तावेज जमा कर दिए हैं और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से बताया है।
डी.के. शिवकुमार ने आगे कहा कि वे और मंत्रियों ने सरकार की कानूनी टीम से भी मुलाकात की थी और विश्वास जताया कि वे जनता के हित में काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि हम सिंचाई से संबंधित सभी मुद्दों का समाधान करेंगे।
येत्तिनाहोल परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार पिछले एक साल से मंजूरी का इंतजार कर रही थी। अब हम तुरंत काम शुरू करेंगे। आधा काम पहले ही पूरा हो चुका है। कुछ शर्तें लगाई गई हैं, और हम उन्हीं के अनुसार काम करेंगे।
–आईएएनएस
एसडी/एएस
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